
Pakistan Earthquake: पाकिस्तान में शनिवार सुबह 5.7 तीव्रता का भूकंप (Eearthquake) आया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के शनिवार सुबह पाकिस्तान में भूकंप का झटका लगा (Pakistan Earthquake)। शुक्रवार रात को 4.0 तीव्रता वाले भूकंप के कुछ ही घंटों बाद भूकंप महसूस किया गया। लोग घरों से बाहर निकल आए। क्षेत्र की टेक्टोनिक प्लेटों (Pakistan) की टक्कर और सक्रिय फॉल्ट लाइनों के कारण यह इलाका अक्सर भूकंप की चपेट में रहता है। भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार सतही (Shallow) भूकंप अधिक खतरनाक होते हैं, क्योंकि उनकी तरंगें सतह तक जल्दी पहुंचती हैं, जिससे ज़मीन अधिक हिलती है और संरचनात्मक क्षति और जन हानि की आशंका बढ़ जाती है।
बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान-शासित कश्मीर जैसे इलाके भूकंप के लिहाज़ से सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। यहां कई सक्रिय फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं जो हर समय भूकंप का खतरा पैदा करती हैं। पाकिस्तान विश्व के सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों में से एक है, क्योंकि यह यूरेशियन और इंडियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा पर स्थित है। इन प्लेटों की टक्कर लगातार विनाशकारी भूकंपीय गतिविधियों को जन्म देती है। देश में कई प्रमुख फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।
इस भूकंप का केंद्र अपेक्षाकृत सतह के पास था, जिससे इसकी तीव्रता और प्रभाव दोनों अधिक रहे। ऐसे सतही भूकंप कम गहराई पर उत्पन्न होते हैं और ज़मीन की सतह तक तेजी से पहुंचकर भारी तबाही मचाते हैं।
पाकिस्तान में यह भूकंपीय गतिविधि यूरेशियन और इंडियन टेक्टोनिक प्लेट्स के टकराव का नतीजा है। ये दोनों प्लेटें एक-दूसरे की ओर गति कर रही हैं, जिससे क्षेत्र में अक्सर तीव्र भूकंप आते रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान को बार-बार आने वाले भूकंपों से निपटने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली और जन-जागरूकता की ज़रूरत है। भवन निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक अपनाना भी अब अनिवार्य हो गया है।