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 6,000 साल पहले हरा-भरा था दुनिया का सबसे बड़ा सहारा रेगिस्तान

दुनिया के सबसे बड़े रेगिस्तान सहारा का नाम सुनकर सिर्फ रेत, धूल और गर्मी जेहन में आती है लेकिन क्या कोई सोच सकता है कि यहां कभी जीवन हुआ करता था। 

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Dec 07, 2016
6,000 years ago sahara desert grassland study
ह्यूस्टन. अफ्रीका महाद्वीप में स्थित दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान सहारा में एक समय में हरी भरी घास थी और करीब 6,000 वर्ष पहले यहां बहुत अधिक बारिश भी हुई थी। अमेरिका के टेक्सास एंड एम विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं और उनके सहयोगियों ने अपने नये शोध में पाया है कि विश्व के मौसम के स्वरूप में परिवर्तन का विश्व के हरे-भरे क्षेत्र पर विपरीत प्रभाव पड़ा और यह क्षेत्र पृथ्वी के सबसे सूखे क्षेत्र में तब्दील हो गया।



बारिश का बेहतर अनुमान लगाना संभव
कंप्यूटर मॉडल और अन्य आंकड़ों का इस्तेमाल कर अनुसंधानकर्ताओं ने बारिश के पैटर्न का पता लगाया। इस खोज से विश्व भर में बारिश को लेकर बेहतर अनुमान लगाना संभव होगा। वायुमंडलीय विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रॉबर्ट कोर्टी ने इस बारे में जानकारी दी। इस अध्ययन का प्रकाशन नेचर जियोसाइंस जर्नल में किया गया है।



रेगिस्तानमें मिले थे औरत की अस्थियां
अफ्रीका महाद्वीप में 94,00,000 वर्गमील के क्षेत्र में फैले रेत के इस महासागर को अरबी भाषा में अस सहारा अल कुब्रा (महान रेगिस्तान) कहा जाता है। गर्म रेत के विशाल टीलों वाले दुनिया के सबसे बड़े मरुस्थल सहारा में 5,000 साल पुराने कब्रिस्तान में एक औरत की अस्थियां मिलीं, जिसे उसके दो बच्चों के साथ दफनाया गया था। इससे साफ है कि सहारा में कभी जीवन था। शोधकर्ता तो यहां तक कह रहे हैं कि सहारा रेगिस्तान कभी हरा भरा और उपजाऊ था।



क्या से क्या हो गया
सहारा रेगिस्तान के चप्पे चप्पे से परिचित जानकारों का कहना है कि 6,000 साल पहले तक वहां हरियाली थी। उत्तरी अफ्रीका का बड़ा हिस्सा पेड़ों और झीलों से भरा था। स्वाभाविक तौर पर क्षेत्रफल में आस्ट्रेलिया से बड़े इस इलाके पर जीवन भी था।



डायनासोर भी थे
सहारा के हरे भरे नाइजर में जीवाष्मों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों को सहारा रेगिस्तान में मिले जीवाश्मों से मांसाहारी डायनासोर के दो नए प्रकारों की पहचान की जिनके बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी। 2008 में एक्टा पैलेंटोलोजिका पोलोनिका जर्नल में प्रकाशित एक लेख में कहा गया था कि एक डायनासोर शायद जीवित जानवरों का शिकार करता था और दूसरा मृत प्राणियों को खाता था। अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और भारत में कम से कम पांच करोड़ साल पहले रहे होंगे। दूसरे प्रकार का नाम ईओकारकैरिया डाइनोप्स रखा गया है, जिसके दांत ब्लेड की तरह तेज थे। इससे अनुमान जताया गया था कि वह जीवित जानवरों का शिकार करता था।



कैसे सूखा सहारा रेगिस्तान
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरा भरा सहारा कैसे रेगिस्तान बन गया? यह अचानक हुआ या वर्षों पुरानी प्रक्रिया का परिणाम है? इस बारे में कई तरह की बातें कही गई हैं. वैज्ञानिकों के एक धड़े का कहना है कि पृथ्वी की कक्षा में छोटे से अंतर से ऐसा हुआ था। कुछ विशेषज्ञ इसे सदियों की प्रक्रिया करार दे रहे हैं लेकिन चर्चा इस बात की भी है कि पर्यावरण के साथ मनुष्यों की छेडख़ानी और ग्लोबल वार्मिंग भी इसकी वजह हो सकती है।
Published on:
07 Dec 2016 11:45 am
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