
अमेरिकी नौसेनाने ईरानी ध्वज वाले मालवाहक पोत टौस्का पर गोले दागे। (फोटो: X/@CENTCOM)
Ceasefire Violation: ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने किसी भी तरह की "वादाखिलाफी" की, तो ईरान उसका कड़ा और निर्णायक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ईरानी सशस्त्र बलों को दिए गए भारी जनसमर्थन के लिए देश की जनता की भी सराहना की। यह तीखी प्रतिक्रिया तब आई है जब अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में 'तूसका' नामक एक वाणिज्यिक ईरानी जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे "समुद्री डकैती" और गंभीर उकसावा बताते हुए जहाज, उसके चालक दल और उनके परिवारों की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस ऑपरेशन का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें अमेरिकी मरीन एक हेलीकॉप्टर के जरिये जहाज पर उतरते और उसे नियंत्रण में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। ईरान की सेना (खतम अल-अंबिया मुख्यालय) ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने नेविगेशन सिस्टम बंद करके इस जहाज पर कब्जा किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की इस हरकत से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ेगा, और ईरानी सेना जल्द ही इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। यह पूरी घटना ऐसे बेहद नाजुक समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच चल रहा दो सप्ताह का सीजफायर 22 अप्रेल को समाप्त होने वाला है।
ईरानी सेना (खतम अल-अंबिया): सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने इस अमेरिकी कार्रवाई को 'सशस्त्र समुद्री डकैती' करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरानी सशस्त्र बल इस वादाखिलाफी का जल्द और मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंत्रालय ने इसे गंभीर उकसावा बताते हुए सख्त निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में जो भी अस्थिरता फैलेगी, उसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। साथ ही, जहाज और उसके चालक दल की तुरंत रिहाई की मांग की गई है।
अमेरिकी सेना ने अभी तक कोई रक्षात्मक बयान देने के बजाय 'X' पर एक टैक्टिकल वीडियो जारी कर अपनी आक्रामकता और ताकत का प्रदर्शन किया है। वीडियो में मरीन कमांडो हेलीकॉप्टर से जहाज पर कब्जा करते दिख रहे हैं, जो दर्शाता है कि अमेरिका इस कार्रवाई को पूरी तरह जायज मान रहा है। सेना के बयान के अनुसार, ईरान की आम जनता पूरी तरह से अपनी सेना के साथ खड़ी है और सड़कों पर उतरकर सैन्य फैसलों का समर्थन कर रही है।
दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रेल को खत्म हो रहा है। सबसे बड़ा फालोअप यह है कि क्या सीजफायर खत्म होते ही ईरान कोई बड़ा सैन्य हमला करेगा?'तूसका' जहाज पर कितने क्रू मेंबर्स मौजूद हैं और उन्हें अमेरिका ने कहां रखा है? उनकी सुरक्षित वापसी के लिए ओमान या कतर जैसे देश कोई मध्यस्थता कर रहे हैं या नहीं।
अमेरिका ने इस वाणिज्यिक जहाज को क्यों पकड़ा? क्या इसमें हथियार, ड्रोन के पार्ट्स या कोई प्रतिबंधित सामग्री थी? अमेरिकी रक्षा विभाग की विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार रहेगा। ओमान की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त तेल व्यापार मार्गों में से एक है। इस तनाव के बाद ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों और शेयर बाजार पर पड़ने वाले असर की ट्रैकिंग की जा रही है।
सेंटकॉम की ओर से सोशल मीडिया पर 'हॉलीवुड स्टाइल' में मरीन कमांडो के उतरने का वीडियो जारी करना सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि ईरान के खिलाफ एक 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' का हिस्सा है।
सीजफायर खत्म होने से ठीक पहले यह घटना क्यों हुई? एक एंगल यह है कि क्या अमेरिका या इजरायल जानबूझकर ईरान को उकसा रहे हैं ताकि ईरान पहला वार करे और उसे 'हमलावर' घोषित किया जा सके।
यह वाणिज्यिक जहाज असल में किसका है? इसका रूट क्या था? कई बार कॉमर्शियल जहाजों का इस्तेमाल खुफिया निगरानी के लिए भी किया जाता है। क्या 'तूसका' सिर्फ एक कंटेनर शिप था या कुछ और?
लाल सागर में हूती हमलों के बाद अब ओमान की खाड़ी में भी मर्चेंट नेवी और कॉमर्शियल जहाजों पर इस तरह की जब्ती ग्लोबल ट्रेड और इंश्योरेंस कंपनियों के लिए एक बड़ा संकट बन सकती है। ( फोटो : ANI)
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Updated on:
21 Apr 2026 02:49 pm
Published on:
21 Apr 2026 02:46 pm
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