
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग। (फोटो : ANI)
US Congress: अमेरिकी कांग्रेस की एक बेहद अहम समिति ने अमेरिका के अंदर चीन की बढ़ती और गुपचुप घुसपैठ को लेकर कड़ा कदम उठाया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की गतिविधियों पर नजर रखने वाली अमेरिकी 'हाउस सेलेक्ट कमेटी' ने 'यूनाइटेड स्टेट्स हार्टलैंड चाइना एसोसिएशन' पर शिकंजा कस दिया है। समिति के अध्यक्ष जॉन मूलनार ने एक कड़ा पत्र लिख कर यह शक जताया है कि कहीं यह संस्था अमेरिका में चीन के एक छिपे हुए एजेंट के तौर पर तो काम नहीं कर रही है।
संसदीय समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात की गहरी आशंका है कि हार्टलैंड चाइना का सीधा कनेक्शन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 'यूनाइटेड फ्रंट' नेटवर्क से है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और अधिकारियों का मानना है कि 'यूनाइटेड फ्रंट' एक ऐसा विदेशी हथियार है, जिसका इस्तेमाल चीन दुनिया भर के राजनीतिक माहौल को अपने फायदे के लिए मोड़ने और अपनी वैश्विक नीतियों को थोपने के लिए करता है।
जॉन मूलनार ने अपने पत्र में साफ लिखा है कि हार्टलैंड चाइना के जिन घरेलू और विदेशी साझेदारों का नेटवर्क है, वह सीधे तौर पर अमेरिका के लिए खतरा है। उन्होंने बताया कि इस संगठन से जुड़े कई चीनी पार्टनर्स असल में चीन की खुफिया एजेंसी और प्रभाव तंत्र का हिस्सा हैं। अमेरिका को शक है कि यह दुश्मन देश अमेरिकी नीतियों में दखलअंदाजी कर रहा है। संगठन द्वारा आयोजित किए जाने वाले कृषि सम्मेलन, व्यापार सेमिनार, छात्रों के कार्यक्रम और अमेरिकी नेताओं के चीन दौरे ,ये सभी पूरी तरह से चीनी सरकार द्वारा नियंत्रित और फंडेड हो सकते हैं।
अगर ये आरोप सच साबित होते हैं, तो यह अमेरिका के विदेशी प्रभाव को रोकने वाले पारदर्शिता कानूनों का सीधा उल्लंघन होगा। मूलनार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चीन का यह नेटवर्क लगातार अमेरिकी फैसले लेने वालों को निशाना बना रहा है, जिसमें स्थानीय और राज्य स्तर के नेता सबसे सॉफ्ट टारगेट हैं। इसी को देखते हुए समिति ने हार्टलैंड चाइना से 'विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम' के तहत 2021 से 2025 तक का पूरा हिसाब-किताब, कम्युनिकेशन रिकॉर्ड, विदेशी फंडिंग और चीनी भागीदारों के साथ हुए हर समझौते की जानकारी मांग ली है।
अब सबकी निगाहें 'हार्टलैंड चाइना एसोसिएशन' के आधिकारिक जवाब पर टिकी हुई हैं। समिति ने उन्हें 2021 से 2025 तक के दस्तावेज सौंपने का समय दिया है। अगर संस्था विदेशी फंडिंग के स्रोत और चीनी संपर्कों को छिपाती है, तो इसके खिलाफ फेरा कानून के तहत कानूनी कार्रवाई और बैन जैसी प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
बहरहाल, इस पूरी घटना का एक बड़ा पहलू 'सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी' का दुरुपयोग है। चीन सीधे तौर पर कोई हमला करने के बजाय, अमेरिका के स्थानीय किसानों, छात्रों और छोटे राजनेताओं को 'फ्रेंडशिप' और 'एक्सचेंज प्रोग्राम' के नाम पर लुभाने की कोशिश कर रहा है, जमीनी स्तर पर अमेरिका के भीतर एक चीन-समर्थक लॉबी तैयार की जा सके। (इनपुट : ANI)
Updated on:
21 Apr 2026 03:28 pm
Published on:
21 Apr 2026 03:25 pm
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