विदेश

चीन नहीं आ रहा हरकतों से बाज, ताइवान के पास एक दिन में ही दिखे 66 चाइनीज़ जेट्स

China-Taiwan Conflict: चीन और ताइवान के बीच चल रहा विवाद किसी से भी छिपा नहीं है। अब चीन ने एक बार ऐसा ताइवान के एयरस्पेस में घुसपैठ की है।

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Chinese fighter jets around Taiwan

चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद जगजाहिर है। इस विवाद की वजह से दोनों देशों के बीच काफी तनाव भी है। अमेरिका (United States Of America) भी खुलकर ताइवान का समर्थन करता है, जो चीन को बिल्कुल पसंद नहीं है। ताइवान के नए राष्ट्रपति लाई चिंग-ते (Lai Ching-te) भी शुरू से ताइवान के स्वतंत्र राष्ट्र होने की बात को खुलकर कहने वाले और चीन के विरोधी रहे हैं। चीन चिंग-ते को ताइवान का राष्ट्रपति भी नहीं मानता। ताइवान में चीन से अलग रहने का समर्थन करने वाले लोगों के लिए तो चीन ने चेतावनी भी दे दी है। अक्सर ही चीन ताइवान के एयरस्पेस में घुसपैठ करता रहता है और एक बार फिर चीन ने ऐसा ही किया है।

ताइवान के पास देखें गए 66 चाइनीज़ फाइटर जेट्स

ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने आज, गुरुवार, 11 जुलाई को एक बड़ी जानकारी दी है। ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री के अनुसार पिछले 24 घंटे में ताइवान के पास चीन के 66 फाइटर जेट्स देखे गए हैं, जो एक रिकॉर्ड है।


7 चाइनीज़शिप्स भी देखे गए

ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री के अनुसार चीन के 7 शिप्स भी ताइवान के पास देखे गए।

ताइवान की सेना है अलर्ट मोड पर

चीन के फाइटर जेट्स या शिप्स का ताइवान के आसपास चक्कर लगाना इस तरह का पहला मौका नहीं है। चीन ऐसा पहले भी कई बार कर चुका है। ऐसे में ताइवान की सेना अलर्ट मोड पर है।

क्या है चीन और ताइवान के बीच विवाद की वजह?

दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच विवाद की यही वजह है।

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