2025 में यूके के स्टडी और हेल्थकेयर सेक्टर में वीज़ा पाने में भारतीयों ने बाज़ी मारी। कितना है इसका आंकड़ा? आइए नज़र डालते हैं।
यूके में भारतीय छात्र और कुशल कामगार अब भी वीज़ा एक्सटेंशन पाने वालों में सबसे आगे हैं। खासतौर पर यूके में पढ़ाई और हेल्थकेयर सेक्टर में भारतीयों की संख्या सबसे ज़्यादा रही है। दिसंबर 2025 में यूके ने भारतीयों को 95,231 स्पॉन्सर्ड स्टडी वीज़ा दिए। यह कुल जारी किए गए स्टडी वीज़ा का 23% है। हेल्थकेयर सेक्टर में भी भारतीयों को सबसे ज्यादा वीज़ा एक्सटेंशन (1,04,555) मिले।
इसके अलावा स्किल्ड वर्कर वीज़ा एक्सटेंशन और ग्रेजुएट रूट एक्सटेंशन में भी भारतीयों ने बाज़ी मारी। यूके होम ऑफिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारतीयों को 90,031 स्किल्ड वर्कर वीज़ा और 90,153 ग्रेजुएट रूट वीज़ा एक्सटेंशन दिए गए।
ग्रेजुएट रूट वीज़ा उन विदेशी छात्रों के लिए है जो यूके से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। ऐसे छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद वहाँ दो साल तक काम कर सकते हैं या नौकरी की तलाश कर सकते हैं। हालांकि ग्रेजुएट रूट के वीज़ा एक्सटेंशन में साल 2025 में 6% की कमी आई।
यूके की संस्था वर्क राइट्स सेंटर ने चेतावनी दी है कि अब पहले की तुलना में कम प्रवासी केयर वर्कर, नर्स, थेरेपिस्ट, वैज्ञानिक, टीचर और स्किल्ड वर्कर काम करने के लिए यूके आ रहे हैं। विदेशी नर्सों की संख्या में 93% की गिरावट आई है। ये आंकड़े सरकार की माइग्रेशन कम करने की नीति पर सवाल उठाते हैं।