Cruelty On Journalist: 2023 में कई पत्रकारों ने अपनी जान गंवाई। और मरने वाले पत्रकारों में सबसे ज़्यादा इज़रायल-हमास युद्ध का शिकार बने।
दुनियाभर में पत्रकारों को अपना काम करते हुए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर ऐसी जगहों पर पत्रकारों को ज़्यादा परेशानी होती है जहाँ के हालात सही नहीं होते हैं। इन हालातों में कई बार पत्रकारों के साथ बुरा बर्ताव भी होता है और उन पर पर अत्याचार भी होते हैं। इतना ही नहीं, कई पत्रकार तो अपने काम की कीमत अपनी जान देकर भी चुकानी पड़ती है। इनमें सिर्फ पुरुष पत्रकार ही नहीं, महिला पत्रकार भी शामिल हैं। पिछले साल भी कई पत्रकारों ने अपना काम करते हुए अपनी जान गंवाई हैं और इसके आंकड़ें भी अब सामने आ गए हैं।
पिछले साल 99 पत्रकारों ने गंवाई अपनी जान
पत्रकारों के बचाव के लिए बनी कमेटी के अनुसार 2023 में 99 पत्रकारों ने अपनी जान गंवाई। मारे गए पत्रकारों में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थी।
गाज़ा में हुई सबसे ज़्यादा पत्रकारों की मौत
2023 में मारे गए पत्रकारों में सबसे ज़्यादा की मौत गाज़ा में चल रहे इज़रायल और हमास युद्ध की वजह से हुई। युद्ध का कवरेज कर रहे 77 पत्रकारों ने गाज़ा और आसपास के इलाकों में हमलों की वजह से अपनी जान गंवाई।
2 साल में तेज़ी से बढ़ा आंकड़ा
दुनियाभर में पत्रकारों की मौत का आंकड़ा पिछले 2 साल में तेज़ी से बढ़ा है। 2022 में दुनियाभर में 67 पत्रकारों की काम करते हुए मौत हुई थी तो 2021 में 47 पत्रकारों ने नौकरी के दौरान अपनी जान गंवाई थी।
सैंकड़ों पत्रकारों को जाना पड़ा जेल
पिछले साल अपनी नौकरी करते हुए सैंड़कों पत्रकारों को जेल भी जाना पड़ा।
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