
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और इसमें कोई सुधार होने की वजह से स्थिति में बिगाड़ ही होता जा रहा है। अमेरिका जहाँ ईरान पर हमले कर रहा है, तो ईरान भी मिडिल ईस्ट देशों में हमले कर रहा है। ईरान की तरफ से शुरू से ही साफ कर दिया गया था कि उनका देश और सेना अमेरिका के सामने नहीं झुकेंगे। अब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इस मामले में अमेरिका को दो-टूक सुना दी है।
अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "ईरान की रक्षा नीति स्पष्ट है। आंख के बदले आंख (जैसे को तैसा)। ईरान पर किसी भी तरह का हमला, जिसमें हमारी बुनियादी संरचना भी शामिल है, एक शक्तिशाली और निर्णायक जवाबी कार्रवाई को जन्म देगा। इस प्रकार के हमले में योगदान देने वाले, चाहे वो किसी भी प्रकार का समर्थन करें, उन्हें भी वैध लक्ष्य माना जाएगा।"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "अब से जब भी ईरान की तरफ से होर्मुजस्ट्रेट में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य उपकरण या हथियार से हमला किया जाएगा, तो अमेरिका एक पुल या पावर प्लांट पर बमबारी करके उसे नष्ट कर देगा। इनमें वो पुल और पावर प्लांट भी शामिल हैं जो ईरान की राजधानी तेहरान में या इसके आसपास हैं।" ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरान ने बयान जारी किया कि अगर अमेरिकी सेना ने ईरान में किसी पुल या पावर प्लांट को निशाना बनाया, तो ईरान भी बदले में मिडिल ईस्ट में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर और पुलों पर हमला करेगा, जिसमें एनर्जी से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल हैं जिनमें अमेरिका की दिलचस्पी है। ईरानी सेना ने आगे कहा, "पिछले 10 दिनों में अमेरिकियों को अच्छी तरह समझ आ जाना चाहिए था कि ईरान जिसे चाहेगा, उसे निशाना बनाकर नष्ट कर देगा। ट्रंप का कोई भी संभावित दांव एक बार फिर उनकी बदनामी का कारण बनेगा।"