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रूसी सीमा के पास पहुंच रही अमेरिकी फौज, डोनाल्ड ट्रंप के नए फैसले से बढ़ी हलचल

American soldiers Russian border: अमेरिकी फौज की नई टुकड़ी लिथुआनिया के लिए रवाना हो गई है। वह रूसी सीमा के पास तैनात होगी। राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले से हलचल मच गई है।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 22, 2026

US Army

अमेरिकी फौज। (फोटो- ANI)

US troops Lithuania: अमेरिकी फौज की एक और टुकड़ी लिथुआनिया के लिए रवाना हो गई है। यह सैनिक रूसी सीमा के पास लिथुआनिया की रक्षा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले दुनिया भर में हलचल बढ़ गई है।

इस बीच, लिथुआनिया के राष्ट्रपति गीतानास नौसेदा ट्रंप और उनकी सरकार का शुक्रिया अदा भी किया। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में साफ शब्दों में बताया कि अमेरिकी सैनिकों का नया दल उनके देश की तरफ रवाना हो चुका है।

अमेरिकी सेना की उपस्थिति अहम

राष्ट्रपति गीतानास ने आगे लिखा कि अमेरिका की सैन्य मौजूदगी लिथुआनिया की सुरक्षा और पूरे क्षेत्र की रक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह उपस्थिति दुश्मनों को रोकने और सामूहिक सुरक्षा का अहम हिस्सा है।

यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिका यूरोप से हजारों सैनिकों को वापस बुला रहा है। फिर भी लिथुआनिया के लिए यह कदम सुरक्षा के लिहाज से बहुत मायने रखता है।

जून में लिथुआनिया ने खुद बताया था कि अमेरिका अपने सैनिकों की वहां मौजूदगी की समीक्षा कर रहा है। ऐसे माहौल में नया दल भेजने का फैसला कई लोगों के लिए सरप्राइज है। स्थानीय लोग और अधिकारी इसे क्षेत्र की स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

नाटो के लिए इसका मतलब क्या?

लिथुआनिया नाटो का सदस्य देश है। यहां अमेरिकी सैनिकों की नियमित तैनाती से न सिर्फ लिथुआनिया बल्कि पड़ोसी एस्टोनिया और लातविया को भी सुरक्षा मिलती है।

अब ऐसा माना जा रहा है कि रूस की तरफ से किसी भी संभावित दबाव का मुकाबला करने में यह मददगार साबित होगा। नॉसेदा के बयान से साफ है कि देश की सरकार इस फैसले से खुश है और इसे ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता का नतीजा बता रही है।

अमेरिका अब तक चुप

फिलहाल, अमेरिकी प्रशासन की तरफ से अभी कोई विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन लिथुआनियाई राष्ट्रपति के आभार से लगता है कि बातचीत सकारात्मक रही है।

क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में यह बदलाव आने वाले दिनों में और साफ होगा। बाल्टिक देशों की सुरक्षा नाटो के लिए हमेशा प्राथमिकता रही है और इस नए कदम से वह और मजबूत होती दिख रही है।

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