
अफ्रीकी देशों में अपराध बढ़ता जा रहा है। इन देशों में न सिर्फ आतंकी संगठन, बल्कि विद्रोही संगठन भी एक्टिव हैं, जिन्होंने आतंक मचाया हुआ है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य / डीआर कांगो (Democratic Republic Of Congo / DR Congo) में भी ऐसी ही स्थिति है। डीआर कांगो में एडीएफ (ADF - Allied Democratic Forces) नाम का विद्रोही संगठन मुख्य रूप से एक्टिव है और अक्सर ही दहशत फैलाता है। अब एक बार फिर डीआर कांगो में एडीएफ का आतंक देखने को मिला है।
देर रात डीआर कांगो में एडीएफ विद्रोहियों ने घातक हमला किया। यह हमला उत्तरी किवू प्रांत के बेनी इलाके में स्थित कैंटीन-अलोया में हुआ। बताया जा रहा है कि हथियारबंद एडीएफ हमलावर बस्ती में घुस आए। उन्होंने वहाँके निवासियों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी और कई घरों तथा व्यावसायिक इमारतों में आग लगा दी। इस हमले में 10 निर्दोष लोगों की जान चली गई। लोकल मीडिया के अनुसार एक स्थानीय नागरिक समाज संगठन के प्रमुख चेचे अलियामिनी ने इस हमले की पुष्टि की है और बताया है कि इसमें नागरिकों की संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
डीआर कांगो के कई प्रांतों में एडीएफ का आतंक तेज़ी से बढ़ रहा है। पिछले कई सालों से एडीएफ ने डीआर कांगो में दहशत फैलाई हुई है। विद्रोहियों का यह ग्रुप निर्दोष लोगों पर हमले करता है, घरों को जलाता है और लोगों को जबरन लोगों को अगवा करके उन्हें अपने संगठन में भर्ती करता है। डीआर कांगो और युगांडा (Uganda) की सेनाओं के संयुक्त अभियानों के बावजूद एडीएफ की गतिविधियाँ जारी हैं। 2021 से चल रहे सैन्य अभियानों में एडीएफ के कई लड़ाके मारे गए हैं, लेकिन इसके बावजूद यह ग्रुप अभी भी काफी मज़बूत है और समय-समय पर कत्लेआम मचाता है। एडीएफ के हमलों की वजह से डीआर कांगो में हज़ारों लोगों विस्थापित हो गए हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कई लोग डर के साये में रहने के लिए मजबूर हैं। एडीएफ का आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (Islamic State- ISIS) से कनेक्शन है और उसकी मदद से ही विद्रोही देश में आतंक फैला रहे हैं।