Ahmedabad Air India Plane Crash: अहमदाबाद विमान हादसे में 4 पीड़ितों के परिवारों ने अमेरिका में बोइंग और हनीवेल पर केस कर दिया है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश (Ahmedabad Plane Crash) ने पूरे देश की स्तब्ध कर दिया था। इसी साल 12 जून को एयर इंडिया (Air India) के इस विमान के क्रैश होने से 260 लोगों की मौत हो गई थी। विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों ने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी थी और जिस मेडिकल हॉस्टल से विमान की टक्कर हुई थी, उसके 19 लोगों की भी इस हादसे में मौत हो गई। इस विमान हादसे में विमान में सवार एक शख्स ही ज़िंदा बचा था, जो गंभीर रूप से घायल हो गया था। मेडिकल हॉस्टल के 67 लोग भी इस विमान हादसे में घायल हो गए थे। अब इस मामले में 4 पीड़ितों के परिवारों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए 4 यात्रियों के परिवारों ने अब अमेरिका (United States Of America) में विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग (Boeing) और उसके पुर्जे बनाने वाली कंपनी हनीवेल (Honeywell) के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए केस कर दिया है। यह केस टेक्सास की लैनियर लॉ फर्म के ज़रिए दायर किया गया है।
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान, जो 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा था, वो टेकऑफ के कुछ देर बाद ही एक मेडिकल हॉस्टल की बिल्डिंग से टकरा गया था जिस वजह से यह हादसा हुआ था। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार विमान के फ्यूल स्विच में खराबी थी, जिस वजह से यह 'रन' से 'कटऑफ' पर चला गया था और यह हादसा हुआ। प्लेन क्रैश में मारे गए 4 पीड़ित यात्रियों के परिवारों का आरोप है कि बोइंग और हनीवेल यह बात अच्छी तरह से जानते थे लेकिन सब पता होने पर भी दोनों कंपनियों की तरफ से कुछ नहीं किया गया। दोनों कंपनियों की लापरवाही की वजह से यह विमान हादसा हुआ।
बोइंग और हनीवेल, दोनों ही कंपनियों की तरफ से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि बोइंग की तरफ से यह कहा गया कि भारत का विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश की अंतिम जांच रिपोर्ट 2026 में आने की उम्मीद है।