
एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI - Artificial Intelligence) का इस्तेमाल कई सेक्टर्स में होने लगा है। समय के साथ एआई और ज़्यादा स्मार्ट और एडवांस हो रहा है। आजकल इंटरनेट पर जो भी लिखा या पोस्ट किया जाता है, उसे इंसानों के साथ-साथ एआई भी पढ़ और समझ सकता है। लेकिन अब एक ऐसी तकनीक सामने आई है, जो एआई की इस ताकत को चुनौती देगी। इसका नाम है 'घोस्ट फॉन्ट' (Ghost Font)। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का दावा है कि इस 'घोस्ट फॉन्ट' को इंसान आसानी से पढ़ सकते हैं, जबकि कई एडवांस एआई मॉडल्स इसे समझने में समर्थ नहीं हैं।
'घोस्ट फॉन्ट' का नाम सुनकर लगता है कि यह कोई नया फॉन्ट होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। यह दरअसल चलते हुए हजारों छोटे-छोटे डॉट्स से बना एक विज़ुअल सिस्टम है। इसमें कुछ डॉट्स एक दिशा में और बाकी दूसरी दिशा में चलते हैं। इंसान इन डॉट्स की गति को पहचानकर उनके बीच छिपे अक्षरों और शब्दों को पढ़ सकता है। वहीँ दूसरी तरफ ज़्यादातर एआई मॉडल्स इस वीडियो को कई अलग-अलग फ्रेम के रूप में देखते हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ डॉट्स दिखाई देते हैं, लेकिन उनके बीच छिपे शब्द समझ नहीं आते। इस फॉन्ट की मदद से एआई को आसानी से चकमा दिया जा सकता है।
'घोस्ट फॉन्ट' को अमेरिका के डिजाइनर और डेवलपर एरिक लू ने तैयार किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल कई जगह हो सकता है। एआई चैटबॉट्स से संवेदनशील जानकारी बचाने, ऐसे कैपचा बनाने में जिन्हें इंसान आसानी से हल कर लें, लेकिन एआई नहीं जैसे कामों के लिए यह तकनीक बेहद उपयोगी है।
'घोस्ट फॉन्ट' फिलहाल एक प्रयोगात्मक तकनीक है। समय के साथ एआई लगातार बेहतर हो रहा है। अगर भविष्य में एआई इस वीडियो की गति और पैटर्न को ज़्यादा अच्छी तरह समझने लगे, तो वो 'घोस्ट फॉन्ट' भी पढ़ सकता है। इसलिए इसे समाधान नहीं माना जा रहा, बल्कि यह दिखाता है कि अभी भी कुछ मामलों में इंसानी आंख और दिमाग मशीनों से बेहतर काम कर सकते हैं।