
Al-Aqsa Mosque Controversy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच इजरायल से बड़ी खबर सामने आई है।अल-जजीरा के रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 90 इजरायली लोग इजरायली पुलिस की सुरक्षा में पूर्वी यरुशलम स्थित ‘अल-अक्सा मस्जिद’ के प्रांगण में प्रवेश किया। जिससे तनाव बढ़ गया।
वहीं इससे पहले (पिछले हफ्ते) फिलिस्तीनी यरुशलम प्रशासन ने इजरायल को साफ-साफ चेतावनी दी थीं कि अल-अक्सा मस्जिद के आसपास इजरायल एक नई धार्मिक स्थिति बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए मस्जिद की पूर्वी दीवार के पास बाब अल-रहमा कब्रिस्तान में बार-बार यहूदी धार्मिक रस्में और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। इसे तुरंत उसे रोकना होगा।
ऐसा पहली बार नहीं है, जब मस्जिद में घुसने की कोशिश हुई हो। इसी साल जून की शुरुआत में कुछ लोगों ने प्रांगण में इजरायली झंडा फहराया था। तब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कड़े शब्दों में निंदा की थी।
UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे उकसाने वाली और अस्वीकार्य कार्रवाई बताया। UAE के मुताबिक, अल-अक्सा मस्जिद की ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति का सम्मान किया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उसने अल-अक्सा मस्जिद के मामलों में जॉर्डन की भूमिका के लिए अपना समर्थन दोहराया। UAE ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए जॉर्डन की ओर से उठाए गए कदमों का वह समर्थन करता है।
UAE ने इजरायली अधिकारियों से ऐसी कार्रवाइयों को रोकने की अपील की। उसने कहा कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की जरूरत बताई।
बता दें तब जॉर्डन ने अल अक्सा मस्जिद में घुसपैठ की निंदा और कार्रवाई करने की बात कही थी।
यही नहीं तब UAE ने आगे कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की थी। उसने दो-राज्य समाधान के आधार पर व्यापक शांति की जरूरत बताई। साथ ही, एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए राजनीतिक रास्ता तलाशने की बात कही थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दौरान इजरायली पुलिस की सुरक्षा में कुछ लोग अल-अक्सा परिसर में दाखिल हुए थे। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने इन घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई। उस दौरान उन्होंने कहा था कि ऐसी गतिविधियां मस्जिद की मौजूदा स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं।