ईरान ने पिछले 24 घंटे में हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर दो बार अपना रुख बदला। शुक्रवार को उसे खोलने का ऐलान किया, तो शनिवार को अमेरिका से बढ़ते तनाव के बाद फिर से बंद करने की घोषणा कर दी।
ईरान ने शुक्रवार को कहा था कि हॉर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया गया है। वहीं, शनिवार को अमेरिका से तनाव से बढ़ने के बाद उसने हॉर्मुज को फिर से बंद करने का ऐलान कर दिया। पिछले 24 घंटे में हॉर्मुज को लेकर ईरान ने दो बार अपनी स्थिति बदली है।
इस बीच, खबर है कि हॉर्मुज बंद होने से भारत ने कई हिंदुस्तानियों को सुरक्षित रूप से निकाला है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 2,373 भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकाला है।
खास बात यह है कि ये लोग सीधे भारत नहीं आए बल्कि पहले आर्मेनिया और अजरबैजान भेजे गए और वहां से भारत की फ्लाइट पकड़ी। इनमें 1,041 भारतीय छात्र हैं जो ईरान की यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे थे और 657 भारतीय मछुआरे हैं।
इन मछुआरों की कहानी सबसे दर्दनाक है क्योंकि ये वो लोग हैं जो रोजी-रोटी के लिए हजारों मील दूर समंदर में गए थे और अचानक युद्ध जैसे हालात में फंस गए।
खाड़ी के समुद्री रास्तों पर जो तनाव है उसकी वजह से भारतीय जहाजों को लेकर भी चिंता बनी हुई थी। सरकार ने शनिवार को बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज पर कोई हमला या घटना नहीं हुई।
डीजी शिपिंग ने अब तक 2,487 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित घर वापस पहुंचाया है जिनमें से 34 को बीते एक दिन में ही निकाला गया। भारत के बंदरगाहों पर भी सब सामान्य है, कहीं कोई जाम या रुकावट नहीं है।
28 फरवरी से अब तक खाड़ी देशों से करीब 10 लाख 68 हजार यात्री भारत वापस आ चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि पिछले डेढ़ महीने में कितनी बड़ी संख्या में लोग वापस लौटे हैं।
UAE से आज भी करीब 110 उड़ानें भारत के लिए उड़ान भरेंगी, भले ही यह नॉन-शेड्यूल्ड यानी विशेष उड़ानें हैं। सऊदी अरब और ओमान से भी भारत के लिए फ्लाइटें चल रही हैं। जिन देशों का हवाई क्षेत्र खुला है वहां से उड़ानें लगातार जारी हैं।
विदेश मंत्रालय लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। भारतीय दूतावास वहां रहने वाले भारतीयों की संस्थाओं, छात्र संगठनों और व्यापारिक समूहों के संपर्क में है।
समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है जिसमें फ्लाइट की जानकारी, स्थानीय सरकार के दिशानिर्देश और कांसुलर सेवाओं की जानकारी दी जा रही है।
बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय ने भी जरूरी कदम उठाए हैं ताकि भारतीय जहाज और उन पर काम करने वाले नाविक सुरक्षित रहें।
केरल, गोवा, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में नाविक और मछुआरे खाड़ी देशों में काम करते हैं। इन राज्यों के तटीय इलाकों में पिछले कुछ हफ्तों से जो बेचैनी थी वो अब थोड़ी कम हुई है।