विदेश सचिव ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने ईरान को वह पुरानी दोस्ती भी याद दिलाई, जिसमें तेहरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) देने का वादा किया था। भारत ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि होर्मुज में भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तुरंत बहाल किए जाएं। ईरानी राजदूत ने भरोसा दिलाया है कि वे दिल्ली के इस सख्त संदेश को तुरंत अपनी सरकार (तेहरान) तक पहुचाएंगे।