
Neural Bypass Surgery: अमेरिका के वैज्ञानिकों ने ऐसी नई ब्रेन तकनीक विकसित की है, जिससे लकवाग्रस्त व्यक्ति के हाथों में दोबारा हरकत और स्पर्श महसूस करने की क्षमता लौट आई। इसे दुनिया में अपनी तरह की पहली उपलब्धि माना जा रहा है। रिसर्च में कीथ थॉमस नाम के व्यक्ति पर यह तकनीक आजमाई गई।
2020 में डाइविंग हादसे के बाद उनकी गर्दन के नीचे का शरीर लकवाग्रस्त हो गया था। वैज्ञानिकों ने उनके मस्तिष्क में 15 घंटे की सर्जरी के दौरान पांच सूक्ष्म इलेक्ट्रोड लगाए। ये इलेक्ट्रोड यह पहचानते थे कि जब कीथ अपने हाथ को हिलाने के बारे में सोचते हैं, तो मस्तिष्क कौन-से संकेत भेजता है।
शरीर के हिस्सों में हरकत पैदा करने के लिए मस्तिष्क के द्वारा भेजे गए संकेतों को मशीन लर्निंग आधारित कंप्यूटर ने समझा और फिर उनके हाथ और रीढ़ से जुड़े हिस्सों पर लगाए गए त्वचा के पैच के जरिए बिजली के हल्के संकेत भेजे, जिससे हाथों की मांसपेशियां सक्रिय हो सकीं। फेनस्टेन इंस्टीट्यूट्स ऑफ मेडिकल रिसर्च ने इसे डबल न्यूरल बायपास सर्जरी नाम दिया है।
35 हफ्ते तक चले प्रशिक्षण के बाद कीथ के दाहिने हाथ की ताकत में 86% और बाएं हाथ की ताकत में 62% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पहले वे अपने हाथ चेहरे तक भी नहीं ला सकते थे, लेकिन अब वे खुद अपना, मुंह साफ कर सकते हैं और बिना किसी की मदद के खाना खा सकते हैं।
वैज्ञानिकों ने एक विशेष 3डी-प्रिंटेड उपकरण में सेंसर भी लगाए, जो यह मापते थे कि कीथ किसी वस्तु को कितनी ताकत से पकड़ रहे हैं। इसके आधार पर मस्तिष्क को ऐसे संकेत भेजे जाते थे, जिससे उन्हें स्पर्श का एहसास होता था। अब वह 87% मामलों में अंडे या किसी वस्तु को सफलतापूर्वक उठाने और पकड़ने में सफल रहे हैं।
हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और इसे आम मरीजों तक पहुंचाने से पहले बड़े स्तर पर और टेस्ट किए जाएंगे। अगर भविष्य में इसके परिणाम लगातार सफल रहते हैं, तो यह लकवाग्रस्त मरीजों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।