
अमेरिका (United States of America) का गृह सुरक्षा विभाग विदेशी छात्रों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के प्रतिभागियों और विदेशी पत्रकारों के लिए वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नए अंतिम नियम के तहत एफ (छात्र), जे (एक्सचेंज विज़िटर) और आई (मीडिया) वीज़ा को अब कार्यक्रम या रोजगार की अवधि के बजाय निश्चित समय सीमा के लिए जारी किया जाएगा। प्रस्तावित नियम कांग्रेस की समीक्षा के बाद संघीय रजिस्टर में प्रकाशन से 60 दिन बाद, यानी सितंबर से लागू हो सकता है।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वीज़ा धारकों की बढ़ती संख्या की प्रभावी निगरानी के लिए यह बदलाव जरूरी है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि इससे अंतर्राष्ट्रीय छात्रों, एक्सचेंज विज़िटर्स और विदेशी पत्रकारों के सामने नई प्रशासनिक बाधाएं खड़ी होंगी और अमेरिका में पढ़ाई और पेशेवर अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
नए नियमों के तहत एफ (छात्र) और जे (सांस्कृतिक आदान-प्रदान) वीजा की अधिकतम अवधि 4 साल होगी। आई (मीडिया) वीज़ा पर विदेशी पत्रकार अधिकतम 240 दिन तक ही अमेरिका में रह सकेंगे। हालांकि वो 240-240 दिन के विस्तार के लिए आवेदन कर सकेंगे। चीन के पत्रकारों के लिए यह अवधि सिर्फ 90 दिन होगी। निर्धारित समय से ज़्यादा रुकने के लिए गृह सुरक्षा विभाग से अवधि बढ़वानी होगी या अमेरिका से बाहर जाकर दोबारा प्रवेश लेना होगा।
स्नातकोत्तर छात्र बिना अनुमति संस्थान या शैक्षणिक उद्देश्य नहीं बदल सकेंगे। पढ़ाई या प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अमेरिका छोड़ने की समय-सीमा 60 से घटाकर 30 दिन कर दी जाएगी। गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि 2024 में 18 लाख से ज़्यादा छात्र, 5 लाख से ज्यादा एक्सचेंज विज़िटर और 37,300 मीडिया प्रतिनिधि अमेरिका आए थे। बढ़ती संख्या और वर्षों तक वीज़ा पर रहने के मामलों के कारण निगरानी कठिन हो रही है।
एक्सपर्ट्स ने वीज़ा नियमों में बदलाव, प्रतिबंधों की वैधता और व्यावहारिकता पर सवाल उठाए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीज़ा नियमों में इस तरह के बदलाव सही नहीं हैं और ये बिना किसी वैध वजह के किए जा रहे हैं।