
Tariff War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के स्टील और एल्युमिनियम आयात पर टैरिफ 25 से बढ़ाकर 50 फीसदी (Steel and Aluminum Import Tariffs will be double) होने का असर भारत के उद्योग सेक्टर पर दिखेगा। ट्रंप ने नए टैरिफ के 4 जून से प्रभावी होने की बात कही है। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC) इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी रहने के बावजूद इस तरह की एकतरफा टैरिफ बढ़ोतरी की जा रही है। इससे निश्चित रूप से इंजीनियरिंग निर्यात पर असर पड़ेगा, जो इस श्रेणी में फिलहाल करीब 5 अरब डॉलर है।
थिंक टैंक जीटीआरआई के प्रमुख अजय श्रीवास्तव ने कहा, इसका आर्थिक प्रभाव बड़ा होगा। अमेरिका में स्टील की कीमतें पहले से ही ऊंची हैं, लगभग 984 डॉलर प्रति मीट्रिक टन, जो यूरोपीय कीमतों (690 डॉलर) और चीनी कीमतों (392 डॉलर) से कहीं ज्यादा। नए टैरिफ से अमेरिका में कीमतें लगभग 1,180 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक बढऩे की उम्मीद है, जिससे ऑटोमोटिव, निर्माण और विनिर्माण जैसे घरेलू उद्योगों पर दबाव पड़ेगा, जो मुख्य रूप से स्टील और एल्युमिनियम पर निर्भर है।
वित्त वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 4.56 बिलियन डॉलर मूल्य के लोहा, इस्पात और एल्युमिनियम उत्पादों का निर्यात किया था, जिसमें 587.5 मिलियन डॉलर का लोहा और इस्पात, 3.1 बिलियन डॉलर का लोहा या इस्पात से बनी वस्तुएं और 860 मिलियन डॉलर का एल्युमिनियम और उससे संबंधित वस्तुएं शामिल हैं। नए टैरिफ के बाद इस पर असर दिखेगा।