लंबे समय पहले धरती से एक एस्टेरॉयड की हुई टक्कर के सबूत कांच के टुकड़ों के रूप में मिले हैं। लेकिन इस टक्कर से हुआ गड्ढा ही गायब हो गया है, जो काफी हैरानी की बात है।
साउथ ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानों में वैज्ञानिकों को छोटे-छोटे चमकीले कांच के टुकड़े मिले हैं। ये टुकड़े न तो ज्वालामुखी से बने हैं और न ही इंसानों द्वारा बनाए गए हैं। दशकों से इन रहस्यमयी कांच के टुकड़ों ने वैज्ञानिकों को उलझाए रखा था। अब ताज़ा रिसर्च से पता चला है कि ये किसी विशाल एस्टेरॉयड की टक्कर के बाद बने थे, जो लाखों साल पहले धरती से टकराया था। हैरानी की बात यह है कि इतनी भीषण टक्कर का गड्ढा अभी तक कहीं नहीं मिला। गड्ढे का गायब होना काफी हैरानी की बात है।
ऑस्ट्रेलिया के म्यूज़ियम में रखे हज़ारों नमूनों की जांच में 417 टुकड़े ऐसे मिले, जिनकी रासायनिक पहचान पहले से ज्ञात टेक्टाइट्स से मेल नहीं खाती। बाद में फ्रांस में हुई जांच से साबित हुआ कि इनमें से कुछ टुकड़े पहले कभी मिले बेहद दुर्लभ नमूनों जैसे ही हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल है कि उस विशाल एस्टेरॉयड की धरती से टक्कर का गड्ढा कहाँ गया? वैज्ञानिक मानते हैं कि संभव है यह गड्ढा इंडोनेशिया, पापुआ न्यू गिनी या फिलीपींस में कहीं रहा हो। वहाँ ज्वालामुखी गतिविधियों, भूकंपों और क्षरण ने लाखों सालों में गड्ढे के निशान मिटा दिए होंगे।
कांच के टुकड़ों को स्थानीय आदिवासी समुदाय अनंगु (जिसका मतलब है मनुष्य) के सम्मान में अनंगुइट्स नाम दिया गया। वैज्ञानिक कहते हैं कि ये टुकड़े छोटे-छोटे टाइम कैप्सूल की तरह हैं। कांच के इन टुकड़ों से धरती के प्राचीन इतिहास की झलक दिखाई देती है। अनंगुइट्स की खोज बताती है कि धरती पर पहले सोचे गए एस्टेरॉयड्स के मुकाबले काफी ज़्यादा बड़े एस्टेरॉयड्स गिरे होंगे।