विदेश

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, चंचल भौमिक को गैरेज के अंदर जिंदा जलाया

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या कर दी गई। गैरेज में सो रहे चंचल भौमिक को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया। पढ़ें पूरी खबर...
2 min read
Jan 25, 2026
Feature image
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हिंसा

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या कर दी गई। हिंदू युवक चंचल भौमिक को गैरेज के अंदर जिंदा जलाकर मार दिया गया। नरसिंदी जिले में चंचल अपने गैराज के अंदर सो रहा था। तभी शटर बंद करके पेट्रोल डाला गया और जिंदा जला दिया गया। चंचल अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला शख्स था। स्थानीय लोगों ने कहा कि उसकी मौत के बाद बीमार मां, दिव्यांग बड़े भाई और छोटे भाई देखभाल आखिर कौन करेगा? स्थानील लोगों ने कहा कि चंचल बेहद सीधा आदमी था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। परिवार का कहना है कि यह हत्या सोची-समझी साजिश लगती है और इसके पीछे धार्मिक नफरत हो सकती है।

नरसिंदी में पहले भी हो चुकी है हिंदू दुकानदार की हत्या

बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होना है। इससे पहले वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का दौर जारी है। बीते 40 दिनों में 10 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। इससे पहले 5 जनवरी को बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में ही एक और हिंदू दुकानदार 40 वर्षीय शरत मणि चक्रवर्ती की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी।

मणि की हत्या से पहले बांग्लादेश में हिंदू पत्रकार को भी मौत के घाट उतारा जा चुका है। पत्रकार राणा प्रताप बैरागी को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे। उन्हें उनकी बर्फ फैक्ट्री से बाहर बुलाकर पास की एक गली में ले गए। वहां कहासुनी के बाद सिर में कई गोलियां मारी गईं। वहीं, कुछ दिनों पहले अज्ञात बदमाशों ने 28 साल के समीर कुमार दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी। साथ ही, उसका ऑटोरिक्शा भी लूट लिया।

दीपू को ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने मार डाला

बांग्लादेश में अब तक 6 हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या हो चुकी है। मरने वालों में राणा प्रताप, दीपू दास, अमृत मंडल, बज्रेंद विश्वास, खोकोन दास शामिल हैं। दीपू दास की हत्या कथित ईशनिंदा के आरोप में की गई थी, जबकि कारोबारी खोकोन दास पर भीड़ ने हमला कर उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।

हिंदुओं की संसद में जगह नहीं होनी चाहिए?

बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ भाषण का दौर जारी है। बर्गुना-2 सीट से जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार अफजल हुसैन ने एक चुनावी सभा में कहा कि जिस देश की 80 फीसदी आबादी मुस्लिम है, वहां संसद में किसी गैर-मुस्लिम व्यक्ति की जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भीड़ से पूछा, ‘आप कुरान चाहते हैं या भटकाव?’

अफलज ने कहा कि यदि उनकी पार्टी आगामी चुनाव जीतती है तो बांग्लादेश में कुरान आधारित शासन व्यवस्था लागू करेगी। हुसैन ने संविधान की अवधारणा को भी खारिज किया और कुरान के आधार पर सजा देने की बात कही। यहां तक कि चोरी करने वालों के हाथ काटने जैसे दंड को सही ठहराया और कहा कि इससे अपराध खत्म हो जाएगा।

Published on:
25 Jan 2026 10:12 am