
Asim Munir POF Visit: पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने पाकिस्तान के 'वाह' स्थित पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज (POF) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हथियारों और गोला-बारूद के उत्पादन, नए हथियारों के विकास, आधुनिकीकरण और रक्षा उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं की समीक्षा की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत को लेकर मुनीर के आक्रामक बयानों पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दौरे के दौरान असीम मुनीर को POF की मौजूदा उत्पादन क्षमता, चल रहे आधुनिकीकरण और रक्षा निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने स्थानीय स्तर पर डिजाइन किए गए हथियारों और गोला-बारूद के परीक्षण भी देखे। पाकिस्तान अपनी घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आयातित सैन्य उपकरणों पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में पीओएफ परिसर में दो नए औद्योगिक यंत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। इनके साल के अंत तक उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है।
मुनीर को डीआईपीआरए ऑर्डिनेंस के तहत पीओएफ के कॉरपोरेटाइजेशन की दिशा में चल रहे काम और पाकिस्तान के रक्षा औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए किए जा रहे बदलावों की जानकारी भी दी गई। दौरे के दौरान आर्मी चीफ ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन, तकनीकी इनोवेशन और पाकिस्तान के घरेलू सैन्य विनिर्माण आधार को मजबूत करने की सेना की प्रतिबद्धता दोहराई।
असीम मुनीर पाकिस्तान के भीतर और विदेशों में सार्वजनिक मंचों से भारत के खिलाफ बार-बार सैन्य धमकियां देते रहे हैं। सूत्रों ने अमेरिका में पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय के बीच मुनीर के पिछले संबोधनों का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक, इन संबोधनों में गंभीर परमाणु धमकियों से जुड़ी बयानबाजी और उस स्थिति में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का जिक्र किया गया था, जिसे मुनीर ने अस्तित्व के संकट के तौर पर पेश किया था।
खुफिया सूत्रों का यह भी दावा है कि मुनीर पहले भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और जल संसाधनों से जुड़े चैनलों को लेकर भी विशेष चेतावनियां दे चुके हैं।
खुफिया आकलन के मुताबिक, भारत को लेकर मुनीर की बयानबाजी एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए पाकिस्तान अपनी सैन्य क्षमता और भारत के खिलाफ संभावित कार्रवाई की इच्छा को सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करना चाहता है।इसी संदर्भ में पीओएफ वाह जैसे रक्षा प्रतिष्ठानों का मुनीर का दौरा भी सैन्य तैयारियों और रक्षा उत्पादन क्षमता का संदेश देने वाला माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर भी पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूत करने के प्रयासों को लेकर भरोसा पैदा करना है।