
वोलोडिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन। (Photo- ANI)
रूस ने यूक्रेन पर हमला अब और तेज कर दिया है। कीव के करीब रूस के ताजा हमले से यूक्रेन की सेना की सप्लाई लाइन पर अब बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने कीव क्षेत्र में एक लॉजिस्टिक्स सेंटर पर हमला किया है। यहां यूक्रेन की बैलिस्टिक मिसाइलों के पार्ट्स रखे गए थे। इस हमले से यूक्रेन की मिसाइल क्षमता पर सीधा असर पड़ सकता है।
रूसी सेना ने साफ कहा है कि यह सेंटर यूक्रेनी बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे जमा करने का अहम ठिकाना था। मंत्रालय ने टेलीग्राम चैनल पर यह जानकारी दी।
हालांकि, रॉयटर्स ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। फिर भी यह खबर यूक्रेन के लिए चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि राजधानी के पास ऐसे हमले सप्लाई और सुरक्षा दोनों को कमजोर कर सकते हैं।
इस बीच, रूसी रक्षा मंत्रालय ने तीन गांवों पर कब्जे का भी दावा किया। सुमी क्षेत्र में ख्रपिव्शचिना गांव और डोनेट्स्क क्षेत्र में नोवोआंद्रीव्का तथा रुबिज्ने गांवों पर रूसी सैनिकों का कब्जा हो गया है।
ये इलाके युद्ध के मोर्चे पर लंबे समय से चर्चा में हैं। डोनेट्स्क में पहले से ही भारी लड़ाई चल रही है और सुमी उत्तर में रूसी सीमा के करीब होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।
रूस लगातार पूर्वी और उत्तरी मोर्चों पर आगे बढ़ने का दावा कर रहा है। इन गांवों पर कब्जा अगर सच है तो यूक्रेन की रक्षा रेखा में दबाव बढ़ेगा। स्थानीय लोग और यूक्रेनी सेना इन क्षेत्रों से पीछे हटने की खबरों को लेकर सतर्क हैं।
इन हमलों और कब्जों से सबसे ज्यादा प्रभावित आम नागरिक हो रहे हैं। गांवों में रहने वाले परिवारों को घर छोड़ना पड़ रहा है। सड़कें और बाजार बंद हो रहे हैं। कीव के पास हमले से राजधानी में भी तनाव बढ़ सकता है।
उधर, यूक्रेन की सरकार लगातार पश्चिमी देशों से हथियार और मदद मांग रही है ताकि रूसी बढ़त को रोका जा सके। शनिवार के इन दावों से साफ है कि रूस अभी थमने वाला नहीं है।
Updated on:
29 Aug 2026 04:58 pm
Published on:
29 Aug 2026 04:58 pm
