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रेगिस्तान की धूल के साथ हिमालय पहुंच रहे बैक्टीरिया, स्वास्थ्य के लिए खतरा

रेगिस्तान की धूल के बारे में वैज्ञानिकों ने एक बड़ा खुलासा किया है। क्या है वैज्ञानिकों का मानना? आइए जानते हैं।

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Jan 31, 2026
Bacteria reaching Himalayas with desert dust (Representational Photo)

पश्चिमी भारत के रेगिस्तानी इलाकों से उठने वाली धूल में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और रोगाणु सैकड़ों किलोमीटर दूर पूर्वी हिमालय तक पहुंच रहे हैं। इससे ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सांस, त्वचा और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। बोस इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने एक शोध में यह दावा किया है। वैज्ञानिकों ने दो साल से ज्यादा समय तक पश्चिमी भारत के सूखे क्षेत्रों से उठने वाले धूल भरे तूफानों पर रिसर्च की। ये तूफान गंगा के मैदानी इलाकों में घनी आबादी वाले मैदानों से गुज़रते हैं और फिर हिमालय की पहाड़ियों पर जाकर जम जाते हैं। इस धूल में ऐसे बैक्टीरिया होते हैं, जिनमें बीमारियाँ फैलाने वाले रोगाणु भी शामिल हैं।

हिमालय में बदल रही सूक्ष्मजीवों की संरचना

आमतौर पर हिमालयी इलाकों को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि वहाँ रहने वाले लोग पहले से ही ठंडे मौसम और कम ऑक्सीज़न की वजह से ज्यादा संवेदनशील होते हैं। अब तक इस बात के बहुत कम सबूत थे कि हवा में मौजूद बैक्टीरिया वहाँ बीमारियों की वजह बन सकते हैं, इसलिए यह नई रिसर्च की गई।

लोगों की सेहत पर पड़ रहा असर

इस रिसर्च को अपने तरह की पहली रिसर्च बताया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार दूर-दराज से आने वाली धूल और स्थानीय प्रदूषित हवा का मिलना हिमालय के वातावरण में मौजूद सूक्ष्मजीवों की संरचना बदल रहा है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ सकता है।

खतरा और ज़्यादा बढ़ा

रिसर्च में यह भी सामने आया कि समस्या सिर्फ बाहर से आने वाली धूल तक सीमित नहीं है। हिमालय की तराइयों में मौजूद स्थानीय रोगाणु भी हवा के जरिए ऊपर की ओर उठकर वातावरण में मिल जाते हैं। ये स्थानीय बैक्टीरिया और बाहर से आए रोगाणु मिलकर सांस, त्वचा और पेट की बीमारियों को बढ़ावा देते हैं।

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