
Strait of Hormuz Reopen: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर 80 देशों ने संयुक्त आवाज उठाई है। बहरीन की अगुवाई में इन देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत और पूरी तरह खोलने की मांग की है। देशों ने जहाजों की सुरक्षित, निर्बाध और बिना किसी रोकटोक आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी कि समुद्री व्यापार मार्गों में रुकावट से वैश्विक व्यापार, खाद्य व्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ अल-जायानी ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में यह अपील की है। यह बैठक 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान हुई। अल-जायानी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जल्द से जल्द पूरी तरह खोला जाना चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को पूरी तरह लागू करने की भी मांग की। यह प्रस्ताव मार्च में पारित हुआ था। इसमें खाड़ी देशों और जॉर्डन पर ईरान के हमलों की निंदा की गई थी। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को रोकने या बाधित करने वाली कार्रवाइयों और धमकियों की निंदा की गई थी।
80 देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित और बिना किसी बाधा के आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसमें कहा गया कि जहाजों पर कोई पारगमन शुल्क, शर्त या गैरकानूनी बोझ नहीं लगाया जाना चाहिए। देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि के तहत समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की बात कही। उनका कहना है कि इससे वैश्विक व्यापार में और बाधा आने से रोका जा सकेगा।
संयुक्त बयान में कहा गया कि वैश्विक व्यापार के प्रमुख समुद्री मार्गों को बाधित करने और खाद्य व्यवस्था पर दबाव डालने से कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे भुखमरी बढ़ने, फसलों की पैदावार प्रभावित होने और दुनिया के सबसे कमजोर लोगों की मुश्किलें बढ़ने की चेतावनी दी गई। बहरीन के विदेश मंत्री ने ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले का भी जिक्र किया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई थी। उन्होंने भारत और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई।
80 देशों ने यमन में हूती समूह की फिर से शुरू हुई गतिविधियों और सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर भी चिंता जताई। लाल सागर में हुए हमलों का भी जिक्र किया गया। बयान में चेतावनी दी गई कि बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य की ओर हूती गतिविधियां बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बढ़ सकता है।
इस बीच ईरान ने संघर्ष खत्म करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति को लेकर अलग कूटनीतिक प्रस्ताव रखा है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के मुताबिक, कुछ शर्तें पूरी होने पर सातवें दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जा सकता है। इसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्यापक बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव है।
ईरान ने स्ट्रेट में असुरक्षा के लिए खुद को जिम्मेदार बताए जाने पर भी आपत्ति जताई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ समझौते के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय निगरानी की अनुमति देने को तैयार है।