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Bangladesh Election: महिलाओं को लेकर बांग्लादेश का सच आया सामने, चुनाव से पहले दावों की खुली पोल

Bangladesh Election: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले 13वें संसदीय चुनावों ने राजनीतिक सुधारों के दावों की पोल खोल दी है। 5% महिलाओं को भी टिकट नहीं मिला है।
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Feb 02, 2026
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बांग्लादेश चुनावः सिर्फ 4.24 फीसदी महिलाओं को टिकट (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)

Bangladesh Election 2026 Update: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले 13वें संसदीय चुनावों ने राजनीतिक सुधारों के दावों की पोल खोल दी है। पिछले साल के कथित जन-आंदोलन के बाद 'जुलाई नेशनल चार्टर 2025' के तहत सभी दलों ने वादा किया था कि वे कम से कम 5 प्रतिशत महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारेंगे। लेकिन हकीकत यह है कि कुल 2,568 उम्मीदवारों में से केवल 109 महिलाएं (4.24%) ही चुनावी मैदान में हैं। जिनमें से पार्टियों ने 72 महिलाओं को नामांकित किया है, जबकि 37 निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं। गौरतलब है कि इन चुनावों इसी चार्टर पर मतदान भी हो रहा है।

बांग्लादेश में एक दर्जन से अधिक महिला संगठनों के संयुक्त मंच महिला राजनीतिक अधिकार मंच (एफडब्ल्यूपीआर) ने एक प्रेस ब्रीफिंग में राजनीतिक दलों की इस विफलता पर कड़ा ऐतराज जताया है। मंच का कहना है कि 51 में से 30 दलों ने एक भी महिला को टिकट नहीं दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जन-आंदोलन की कोख से निकली नई पार्टियां भी महिलाओं को नेतृत्व देने में पीछे हैं।

33 फीसदी महिलाओं का प्रतिनिधित्व देने का लक्ष्य

जन प्रतिनिधित्व आदेश (आरपीओ) के तहत, राजनीतिक दलों को केंद्रीय और पार्टी समितियों में कम से कम 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने अनिवार्य हैं। लेकिन, हालात देखते हुए, चुनाव आयोग ने अनुपालन की समय सीमा 2030 तक बढ़ा दी है। राजनीतिक दल इसके पीछे अक्सर योग्य महिला नेताओं की कमी का हवाला देते हैं।

प्रमुख दलों में महिला उम्मीदवारों को टिकट

राजनीतिक दलकुल उम्मीदवारमहिला उम्मीदवारमहिला प्रतिशत
बीएनपी328103.05%
जमात-ए-इस्लामी27600%
नेशनल सिटीजन पार्टी4436.81%
सभी 51 दलों का कुल आंकड़ा2,5681094.24%
Updated on:
02 Feb 2026 02:07 am
Published on:
02 Feb 2026 02:00 am