
बांग्लादेश (Bangladesh) कुछ दिन पहले हिंसा और दंगों की आग में झुलस रहा था। अब देश के कई हिस्से पानी में डूबे हुए हैं। लेकिन इन सबके बीच देश में एक परेशानी कॉमन रही है और वो है देश की कमज़ोर आर्थिक स्थिति। शेख हसीना के इस्तीफे के बाद देश में अंतरिम सरकार बन गई है और मुहम्मद यूनुस को इसका लीडर बनाया गया है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना यूनुस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। बांग्लादेश कर्ज़ तले दबा हुआ है और अब भारी बारिश और बाढ़ ने देश में जो नुकसान किया है, उसकी भरपाई भी ज़रूरी है। ऐसे में बांग्लादेश ने अब आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
बांग्लादेश ने फैलाई झोली
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अब मदद के लिए अपनी झोली फैला दी है। देश की अंतरिम सरकार ने विदेशी कर्ज़ चुकाने, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने और भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिए आईएमएफ (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड – IMF) और अन्य देशों से भारी-भरकम आर्थिक सहायता की मांग की है। इतना ही नहीं, बांग्लादेशी अंतरिम सरकार एडीबी (एशियाई विकास बैंक - ADB) और विश्व बैंक (World Bank) से बाढ़ की वजह से क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी आर्थिक सहायता की मांग कर रही है।
कितनी राशि मांगी?
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आईएमएफ, एशियाई विकास बैंक, वर्ल्ड बैंक और अन्य देशों से कुल 8 बिलियन डॉलर्स (करीब 67 हज़ार करोड़ रुपये) की मांग की है। बांग्लादेशी अंतरिम सरकार ने दिसंबर तक यह आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
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