
बेल्जियम के डेंडर्मोंडे (Dendermonde) शहर में एक इमारत की जीर्ण-शीर्ण दीवार और तहखाने की खुदाई के दौरान श्रमिकों को एक गुप्त संदूक में लगभग 9 मिलियन यूरो (लगभग 4,000 से अधिक पुराने सिक्के और 40 से ज्यादा सोने की छड़ें) मूल्य का खजाना मिला है। भारतीय मुद्रा में इस खजाने की कीमत करीब 80 करोड़ रुपये आंकी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इमारत काफी लंबे समय से बंद और जर्जर अवस्था में थी। इमारत की मरम्मत के दौरान मजदूरों को बेसमेंट की दीवार में छिपी हुई एक सेफ (तिजोरी) मिली, जिसमें सोने की ईंटें और सिक्के थे। खजाने के मालिक का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
बेल्जियम के सिंट-गिलिस-डेंडर्मोंडे (Sint-Gillis-Dendermonde), ईस्ट फ्लैंडर्स में डि ब्रांड (De Brand) निर्माण कंपनी के मजदूर सामाजिक कार्य संगठन सीएडब्ल्यू ओस्ट-फ्लैंडरें (CAW Oost-Vlaanderen) की इमारत की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान, मजदूरों को बेसमेंट की दीवार में छिपी हुई एक सेफ (तिजोरी) मिली, जिसमें सोने की ईंटें और सिक्के थे। खजाने के मालिक का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सामाजिक संगठन सीएडब्ल्यू ओस्ट-फ्लैंडरें ने इस इमारत की मरम्मत का काम निजी कंपनी को दिया था।
बेसमेंट की दीवारों में दबी एक गुप्त तिजोरी मजदूरों को मिली। जब तिजोरी को खोला गया तो इसमें कम से कम 4,000 दुर्लभ पुराने सोने के सिक्के और 40 से अधिक नंबर वाली सोने की छड़ें (Gold Bars) व टुकड़े मिले। मजदूरों ने तुरंत निर्माण कंपनी के मालिक और स्थानीय पुलिस को इस खजाने की सूचना दी।
पुलिस ने सारा सोना अपने कब्जे में लेकर एक सुरक्षित और विशेष सुविधा केंद्र में सुरक्षित रखवा दिया है। ईस्ट फ्लैंडर्स का पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस इस बात की जांच कर रहा है कि यह सोना कहां से आया और इसका कानूनी वारिस कौन है। दीवार में यह सोना किसने छिपाया था और इस पर कौन अपना हक जता सकता है, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। यदि सामाजिक संगठन सीएडब्ल्यू ओस्ट-फ्लैंडरें को इस खजाने का कानूनी मालिक घोषित किया जाता है, तो संगठन की योजना इस राशि का उपयोग बेघर लोगों के लिए आवास बनाने के लिए करने की है।