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डोनाल्ड ट्रंप से मिले बेंजामिन नेतन्याहू, युद्ध के बाद पहली बार हुई मुलाकात

Trump-Netanyahu Meeting: इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। ईरान के खिलाफ युद्ध के बाद यह दोनों की पहली मुलाकात रही।
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Updated: 28 Jul 2026, 11:21 PM IST
Benjamin Netanyahu meets Donald Trump
डोनाल्ड ट्रंप से मिले बेंजामिन नेतन्याहू (Photo - @netanyahu on social media)

इज़रायल (Israel) के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) इस समय अमेरिका (United States of America) दौरे पर हैं, जहाँ आज राजधानी वॉशिंगटन डीसी में स्थित व्हाइट हाउस में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से मुलाकात की। पहले नेतन्याहू जुलाई के द्दूसरे हफ्ते में अमेरिका का दौरा करने वाले थे, पर किसी वजह से इसकी तारीख को आगे बढ़ा दिया गया। ट्रंप और नेतन्याहू की मीटिंग में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance), विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) और युद्ध (रक्षा) मंत्री पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) भी मौजूद रहे।

हुई हाई लेवल मीटिंग

ईरान के खिलाफ युद्ध (War Against Iran) के बाद यह पहला मौका रहा जब ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाकात हुई। हालांकि दोनों के बीच कई मौकों पर फोन पर ज़रूर बात हुई। जानकारी के अनुसार दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हाई लेवल मीटिंग हुई। अमेरिका द्वारा ईरान पर हाल ही में किए गए हमलों के बाद आगे क्या होगा और अमेरिका और इज़रायल रणनीतिक तौर पर कैसे आगे बढ़ेंगे, इस विषय पर ट्रंप और नेतन्याहू ने अहम चर्चा की। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाने पर भी दोनों के बीच बातचीत हुई। मीटिंग से पहले से ही इस बात की भी संभावना जताई जा रही थी कि ट्रंप के सामने नेतन्याहू ऐसे खुफिया सबूत पेश करेंगे जिनसे पता चले कि ईरान तेज़ी से अपने परमाणु ठिकानों का विस्तार कर रहा है, जबकि कूटनीति को लेकर ट्रंप के आशावादी रुख के बावजूद ईरान, अमेरिका के साथ सीधी शांति वार्ता से बच रहा है।

सातवां अमेरिका दौरा, क्या खत्म होंगे मतभेद?

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान यह नेतन्याहू का सातवां अमेरिका दौरा है। पिछले कुछ समय में ईरान और लेबनान के मुद्दे पर ट्रंप और नेतन्याहू के बीच अनबन चल रही थी और मतभेद भी पैदा हो गए थे। फोन पर ट्रंप ने दो बार नेतन्याहू को फटकार भी लगाई। दरअसल लेबनान पर नेतन्याहू के रुख से ट्रंप खुश नहीं थे और इसी वजह से उन्होंने इज़रायल से सैन्य कार्रवाई बंद करने के लिए भी कहा, लेकिन इसके बावजूद नेतन्याहू ने हमले जारी रखे और हर बार ट्रंप की मध्यस्थता में हुए सीज़फायर का उल्लंघन किया, जिससे ट्रंप काफी नाराज़ हो गए थे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नेतन्याहू, ट्रंप से मिलना चाहते थे जिससे दोनों के बीच चल रहे मतभेद को खत्म किया जा सके।