
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले करने का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है। पिछली दो रात अमेरिका ने ईरान में कई जगह पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी बहरीन (Bahrain), कुवैत (Kuwait) और कतर (Qatar) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों समेत कई जगहों पर हमले किए। दोनों देशों के बीच सीज़फायर का अंत हो चुका है और शांति समझौता टूट गया है। इसी बीच इज़रायल (Israel) के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने एक बड़ा बयान दे दिया है।
इज़रायली पीएम नेतन्याहू ने दो-टूक कह दिया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म नहीं हुआ है। इज़रायली पीएम ने यह बयान अपने देश की मीडिया से बात करते हुए दिया। नेतन्याहू ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमलों से ईरान की सरकार को ज़बरदस्त झटका लगा है और हमारी नीति साफ है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, चाहे कोई समझौता हो या न हो। युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और हमारे सामने नई चुनौतियाँ आ रही हैं जिनके लिए हम तैयार हैं।"
इज़रायली मीडिया से बात करते हुए नेतन्याहू ने यह भी साफ कर दिया कि लेबनान (Lebanon) से उनकी सेना नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि लेबनान में उनकी सेना तब तक रहेगी जब तक उन्हें ज़रूरत महसूस होती है।
ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म न होने और लेबनान से सेना न हटाने की बात कहते हुए नेतन्याहू ने अपने इरादे जता दिए हैं। उनके इन दोनों बयानों से एक तरफ तो लगता है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के साथ हैं क्योंकि अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद नेतन्याहू का यह कहना इसी ओर इशारा करता है। हालांकि हमलों और सीज़फायर के अंत के बावजूद खुद ट्रंप ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता ईरान से युद्ध फिर से शुरू होगा। हाल ही में ट्रंप ने यह भी कहा था नेतन्याहू जल्द ही लेबनान से अपनी सेना हटाएंगे। ऐसे में नेतन्याहू के बयानों से ट्रंप के खिलाफ उनकी खिलाफत भी झलकती है और ऐसा लग रहा है कि ईरान पर अमेरिकी हमले को वह अपनी बात साबित करने के लिए एक मौके के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।