
इज़रायल (Israel) के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कुछ दिन पहले ही दावा किया था कि ईरान की इस्लामिक सरकार गिरने के बहुत करीब है। उन्होंने कहा था कि अभी भी काम बाकी है लेकिन उन्होंने यह भरोसा जताया कि यह पूरा शासन आखिरकार ढह जाएगा। आज, गुरुवार, 17 सितंबर को राष्ट्रपति आवास पर शिन बेट (Shin Bet) के बेहतरीन वर्कर्स को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह में इज़रायली पीएम ने ईरानी सरकार के गिरने के बारे में एक बड़ी बात कह दी।
शिन बेट के बेहतरीन वर्कर्स को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में नेतन्याहू ने वादा करते हुए कहा, "इज़रायल ईरान की सरकार को गिरा देगा। उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ अभी भी कुछ काम बाकी है। इज़रायल को खत्म करने की ईरान और उसके सहयोगियों की इच्छा अभी खत्म नहीं हुई है। यह बस कमजोर हुई है। हमने ज़्यादातर काम कर लिया है, लेकिन अभी भी कुछ काम बाकी है, और हम उसे पूरा करेंगे। हम ईरान की सरकार को हराएंगे और उसे गिरा देंगे।"
नेतन्याहू ने इस समारोह में फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) और लेबनान (Lebanon) के आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ भी बयान दिया। नेतन्याहू ने कहा, "हम हमास को खत्म कर देंगे। हम हिज़बुल्लाह से भी निपटेंगे और उसे भी खत्म कर देंगे।"
गाज़ा में हमास के खिलाफ और साउथ लेबनान में हिज़बुल्लाह के खिलाफ इज़रायल की कार्रवाई जारी है। इन दोनों आतंकी संगठनों को खत्म करने के लिए इज़रायल की सेना के हमले जारी हैं। नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि दोनों जगहों से उनकी सेना तब तक पीछे नहीं हटेगी जब तब अपने लक्ष्य को हासिल न कर ले और वो है इन दोनों आतंकी संगठनों का खात्मा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि अगर हमास और हिज़बुल्लाह हथियार डालकर सरेंडर कर दें और गाज़ा-लेबनान के प्रशासन से दूर हो जाए, तो उनकी सैन्य कार्रवाई रुक जाएगी। नेतन्याहू का मानना है कि हमास और हिज़बुल्लाह की सैन्य क्षमता को खत्म किए बिना या उसके हथियार डाले बिना इज़रायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।