अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों की टारगेट किलिंग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। भारतीय खुफिया और अमेरिकी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। क्या यह विदेशी धरती पर वर्चस्व की जंग है? पढ़ें पूरी खबर।
वर्ष 2026 की शुरुआत में ही अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। अमेरिका में हुई एक भीषण इंडियन गैंगवार में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो कथित गैंगस्टरों की हत्या कर दी गई है। इसे इस साल की पहली बड़ी विदेशी गैंगवार माना जा रहा है, जिसने भारतीय और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह एक टारगेट किलिंग थी जिसे विरोधी गैंग्स ने बेहद बारीकी से योजना बनाकर अंजाम दिया। मारे गए दोनों गैंगस्टर बिश्नोई के ग्लोबल सिंडिकेट का हिस्सा थे और अमेरिका में रहकर उसके नेटवर्क को विस्तार दे रहे थे। वारदात के तुरंत बाद सोशल मीडिया और अंडरवर्ल्ड गलियारों में विरोधी गुटों द्वारा इस हमले की जिम्मेदारी लेने के दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि अमरीकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान उजागर नहीं की है, लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियां इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना कनाडा, यूरोप और अब अमेरिका में भारतीय गैंगस्टरों के बीच बढ़ते वर्चस्व की जंग का नतीजा है।
इस हत्याकांड के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भारतीय गिरोहों के बीच तनाव चरम पर पहुंचने की आशंका है। वर्तमान में, भारतीय और अमेरिकी एजेंसियां आपसी तालमेल के जरिए इस पूरे क्राइम नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही हैं।