
Brazil Election Results 2026: ब्राजील की राजनीति में फिर से बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रपति पद की दौड़ में शुरुआत में बढ़त पाने वाले बोल्सोनारो को पीछे छोड़ते हुए लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने शानदार वापसी की और जीत दर्ज कर ली। चुनावी नतीजे इतने करीबी रहे कि हर किसी की नजर वोटों के अंतर पर टिकी थी। इस जीत ने चुनावी अनुमान न सिर्फ गलत साबित किए, बल्कि ब्राजील की आने वाली सरकार, संसद और नीतियों को लेकर नए सवाल भी खड़े कर दिए।
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अपने प्रतिद्वंद्वी सीनेटर बोल्सोनारो को पीछे छोड़ दिया। ब्राजील के आधिकारिक चुनाव प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, 98.76 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने तक लूला को 51.75 प्रतिशत वोट मिले, जबकि बोल्सोनारो के खाते में 48.25 प्रतिशत मत आए।
इससे पहले मतगणना के शुरुआती दौर में दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दी थी। जब 51.94 प्रतिशत मतों की गिनती हुई थी, तब लूला को 50.16 प्रतिशत और बोल्सोनारो को 48.84 प्रतिशत वोट मिले थे। जैसे-जैसे आंकड़े सामने आए, मुकाबले की दिशा बदलती गई।
पहले चरण में हार के बाद लूला ने जिस तरह वापसी की, उसे राजनीतिक विश्लेषक फर्नांडो ब्रांकोली ने असाधारण बताया। उन्होंने कहा, पहले चरण में पीछे रहने के बावजूद, लूला ने पूरा चुनाव पलट दिया। यहां तक कि उनके अपने खेमे के कुछ लोगों को भी बोल्सोनारो की जीत ज्यादा मुमकिन लग रही थी। बड़े सर्वेक्षण जैसे डेटाफोल्हा ने भी लूला की जीत का अनुमान लगाया था, लेकिन असली पुष्टि तो चुनावी आंकड़ों से ही हुई।
अब लूला का राष्ट्रपति बनना पक्का है, लेकिन सरकार चलाना उनके लिए आसान नहीं रहेगा। संसद में रूढ़िवादी नेताओं का बोलबाला है, जो उनकी कई नीतियों की राह में अड़चन बन सकते हैं। ब्रांकोली कहते हैं, लूला को बड़े बदलावों की जगह छोटे फैसलों पर सहमति बनानी पड़ेगीमतलब उन्हें लगातार नई राजनीतिक जुगत लगानी होगी।
लूला की जीत के बाद अब सबकी नजरें ब्राजील पर हैं। रोजगार, सामाजिक कल्याण, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे फिर सुर्खियों में आ सकते हैं। अमेजन जंगल का बड़ा हिस्सा ब्राजील में है, इसलिए उनकी पर्यावरण नीति का असर दुनिया भर में महसूस होगा। लेकिन चुनाव जीतने से सब कुछ आसान नहीं हो जाता। असली परीक्षा अब शुरू होगी लूला को अपने वादे पूरे करने हैं और विरोधियों के बीच सरकार चलानी है।