ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हाल ही में उन्हें तख्तापलट की साज़िश के आरोप में 27 साल की सज़ा सुनाई गई थी। यह उनकी 2018 में हुए चाकू हमले के बाद की लगातार स्वास्थ्य समस्याओं का ही नतीजा है। बोलसोनारो ने सज़ा को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो (Jair Bolsonaro) को बीमार पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोलसोनारो के बेटे फ्लेवियो के हवाले से अलजजीरा की रिपोर्ट में बताया गया कि हाउस अरेस्ट के दौरान पूर्व राष्ट्रपति की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
बता दें कि बोलसोनारो को पिछले हफ्ते तख्तापलट की साजिश रचने के आरोप में 27 साल और तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। सजा सुनाए के बाद दूसरी बार बोलसोनारो को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया है।
दरअसल, साल 2018 में चुनाव अभियान के दौरान उनपर चाकू से हमला हुआ था। जिसके बाद से बोलसोनारो (Jair Bolsonaro Sick) को बार-बार आंतों की समस्या हो रही है। उन्हें अप्रैल में कई सर्जरी इसके लिए करवानी पड़ी थी। बताया जाता है कि आंतों की समस्या को लेकर एक सर्जरी लगभग 12 घंटे तक चली थी।
बोलसोनारो के स्वास्थ्य को लेकर उनके बेटे फ्लेवियो ने एक्स पर एक पोस्ट भी किया है। उन्होंने लिखा कि उनके पिता को हिचकी, उल्टी और लो ब्लडप्रेशर की गंभीर समस्या महसूस हुई।
फ्लेवियो ने आगे लिखा कि तबीयत बिगड़ने के बाद बोलसोनारो को ब्रासीलिया में डीएफ स्टार अस्पताल ले जाया गया, क्योंकि यह एक आपातकालीन स्थिति थी।
बता दें कि गुरुवार को, सुप्रीम कोर्ट ने बोलसोनारो के खिलाफ फैसला सुनाया था। 2022 के चुनाव में राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा से हार के बाद तख्तापलट की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया। इसके साथ, उन्हें 27 साल तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई।
हालांकि, बोलसोनारो को तुरंत जेल नहीं भेजा जाएगा। अदालत के पास फैसला प्रकाशित करने के लिए 60 दिन तक का समय है। जिसके बाद बोलसोनारो के वकील स्पष्टीकरण के लिए याचिका दायर कर सकते हैं।
उधर, पूर्व राष्ट्रपति का कहना है कि उन्होंने कोई भी गलती नहीं की है। उन्हें राजनीतिक रंजिश का शिकार बनाया गया है। वहीं, बोलसोनारो के दोस्त माने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रंप ने कहा कि वह इस फैसले से बहुत असंतुष्ट हैं।
वहीं, मंगलवार को एक अलग संघीय अदालत ने बोलसोनारो को पद पर रहते हुए की गई नस्लवादी टिप्पणियों के कारण सामूहिक नैतिक क्षति के लिए 10 लाख रियाल (188,865 अमेरिकी डॉलर) का हर्जाना देने का आदेश दिया है।
यह फैसला 2021 में एक अश्वेत समर्थक को दिए गए उनके बयान से उपजा है, जिसमें उन्होंने उस व्यक्ति के बालों में कॉकरोच देखने का मजाक उड़ाया था और उस हेयरस्टाइल की तुलना कॉकरोच प्रजनन स्थल से की थी।
वहीं, उनके बचाव पक्ष ने जोर देकर कहा है कि ये टिप्पणियां मजाक के तौर पर की गई थीं और उन्होंने किसी भी नस्लवादी इरादे से इनकार किया है।बोलसोनारो पर वर्तमान में 2030 तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है, हालांकि उन्होंने कहा है कि वह 2026 में चुनाव लड़ेंगे।