
Craig Foreman: ईरान की एविन जेल में जासूसी के आरोप में 10 साल की सजा काट रहे ब्रिटिश नागरिक क्रेग फोरमैन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईरानी अदालत ने चुपचाप उनकी सजा दो साल और बढ़ा दी है, जिससे उनकी कुल सजा 12 साल हो गई है। क्रेग के बेटे जो बेनेट के अनुसार, ये सजा इसलिए बढ़ाई गई क्योंकि क्रेग ने मीडिया से बात की थी।
जो बेनेट के मुताबिक, जेल अधिकारियों ने क्रेग को उनके वकील से मुलाकात कराने के बहाने उनकी कोठरी से बाहर निकाला। क्रेग को लगा कि उन्हें कानूनी मदद मिलने वाली है, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें वकील के पास ले जाने के बजाय, उन्हें सीधे एक जज के सामने पेश किया। जहां जज ने उन्हें बताया कि उनकी सजा में 2 साल और जोड़े जा रहे हैं।
बेनेट ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान क्रेग को अपना बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया गया। उन्हें न तो अपनी पसंद का वकील नियुक्त करने की अनुमति दी गई, न ही अदालत की बातें समझने के लिए कोई ट्रांसलेटर दिया गया और न ही उन्हें अपने बचाव में एक शब्द भी कहने का मौका दिया गया।
क्रेग फोरमैन और उनकी पत्नी लिंडसे फोरमैन मई से भूख हड़ताल पर हैं। वे जेल प्रशासन द्वारा टेलीफोन पर बातचीत और परिवारों के साथ संपर्क पर पूरी तरह से रोक लगाने का विरोध कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, भूख हड़ताल के कारण क्रेग का वजन लगभग 16 किलोग्राम (35 पाउंड) कम हो गया है। वे बहुत कमजोर हो गए हैं और उनमें खड़े होने की भी ताकत नहीं बची है। वहीं, भूख और कमजोरी की वजह से लिंडसे को लगातार भयानक चक्कर आ रहे हैं।
यूके के ईस्ट ससेक्स के रहने वाले क्रेग और लिंडसे फोरमैन जनवरी 2025 में यूरोप से ऑस्ट्रेलिया तक की लंबी दूरी की मोटरसाइकिल यात्रा पर निकले थे। इस रोमांचक यात्रा के दौरान ईरान में दाखिल होने के कुछ ही समय बाद, ईरानी खुफिया एजेंसियों ने उन्हें शक के आधार पर हिरासत में ले लिया। उन पर पश्चिमी देशों के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया, जिसका दोनों ने खंडन किया। इसके बावजूद फरवरी 2025 में बंद दरवाजे के पीछे हुई सुनवाई के बाद ईरानी अदालत ने उन दोनों को 10 साल की जेल की सजा सुनाई।