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US-Iran Conflict: अमेरिकी एयर स्ट्राइक पर ईरान का दावा, हालिया हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत

Iran US War: अमेरिकी हवाई हमलों को लेकर ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरानी प्रवक्ता के अनुसार हालिया हमलों में 30 से अधिक लोगों की जान चली गई है।
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भारत

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Pratiksha Gupta

Jul 15, 2026

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US एयरस्ट्राइक पर ईरान का बड़ा दावा, 30+ मौतें | (फोटो सोर्स:Al Jazeera)

US-Iran War: मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले (Air strikes) किए हैं। इसके जवाब में इलाके में मौजूद अमेरिकी बेस को तेहरान द्वारा निशाना बनाया गया है। इन हमलों को लेकर ईरान सरकार के प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने एक बड़ा दावा किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमलों में अब तक 30 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हम मृतकों को नमन करते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'सरकार पूरी ताकत के साथ लोगों के साथ खड़ी रहेगी। दक्षिणी ईरान इस देश की धड़कन है।'

अमेरिकी हमले में 7 ईरानी सैनिकों की मौत

उधर, ईरानी सेना ने कहा है कि दक्षिण-पूर्वी ईरान के इरानशहर स्थित बंपूर गैरिसन पर किए गए हमले में 7 सैनिकों की मौत हो गई है। ईरानी सेना ने अमेरिका के इन हमले को 'कायराना हमला' बताया और कहा कि इसका उचित समय पर करारा जवाब दिया जाएगा।

समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, अमेरिका ने छावनी पर 13 मिसाइलें दागीं। इन हमलों में 388वीं ब्रिगेड के सात सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। ईरानी सेना का कहना है कि सुरक्षा के लिए पहले से किए गए इंतजामों की वजह से जान-माल का नुकसान कम हुआ।

ईरानी सेना के मुताबिक, अमेरिका का मकसद ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना था। हमले में सैन्य अड्डे के गेस्ट हाउस, सुरक्षा चौकियों और सैनिकों के रहने की इमारतों को निशाना बनाया गया।

'ईरान के इशारे पर काम नहीं करता हूती'

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेस को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि यमन का हूती यानी (अंसार अल्लाह ईरान के लिए काम नहीं करता है। उन्होंने लिखा, 'यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद है कि अंसार अल्लाह ईरान के इशारे पर काम कर रहा है।'

इरावानी ने कहा कि सना की सरकार यमन के लोगों के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। अपने फैसले खुद लेती है। उनके अनुसार, ये फैसले यमन के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। हालांकि, हूती समूह को ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है। हाल के वर्षों में इस समूह ने फिलिस्तीन के समर्थन में और इजराइल के खिलाफ कई हमले किए हैं।