
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo- IANS)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर हिजबुल्लाह से लड़ने के लिए सीरिया आगे आ गया है। सीरिया ने इराक बॉर्डर पर हिजबुल्लाह के खिलाफ पहला बड़ा एक्शन लिया है।
इराक बॉर्डर से हिज्बुल्लाह को भेजे जा रहे आधुनिक हथियारों और मिसाइलों का बड़ा जखीरा सीरिया ने पकड़ लिया है। सरकारी न्यूज एजेंसी सना ने गुरुवार को गृह मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये हथियार लेबनान के हिज्बुल्लाह मिलिशिया को सप्लाई करने के लिए भेजे जा रहे थे। बता दें कि सीरिया में नई सरकार चलाने वाले पूर्व विद्रोही लंबे समय से हिज्बुल्लाह के खिलाफ लड़ते रहे हैं।
पहले जब सीरिया में बशर अल-असद सत्ता में थे, तब हिज्बुल्लाह ने असद की मदद के लिए अपने लड़ाके भेजे थे। अब मामला पूरी तरह उल्टा हो गया है। उधर, ट्रंप से खुला सपोर्ट मिलने के बाद सीरिया का मनोबल और बढ़ गया है।
गृह मंत्रालय के सूत्र ने बताया कि सीमा पर सख्त निगरानी के दौरान यह शिपमेंट रोका गया। अब यह जांच चल रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।
डोनाल्ड ट्रंप ने जून महीने में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से बात की थी। उस बातचीत में भी हिज्बुल्लाह को रोकने पर जोर दिया गया था। ट्रंप का यह बयान अब और ज्यादा मायने रखता दिख रहा है।
नई सीरियाई सरकार स्पष्ट तौर पर संकेत दे रही है कि वह पुरानी नीतियों से दूर हट रही है। ट्रंप ने उसी वक्त इजराइल से भी कहा था कि वह अब हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपनी लड़ाई बंद कर दे, उनसे निपटने के लिए सीरिया काफी है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के दफ्तर ने कहा कि शारा ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सीरिया लेबनान के आंतरिक मामलों में कोई पक्ष नहीं लेगा।
यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश लगता है। लेबनान में पहले से ही राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियां हैं। ऐसे में हथियारों की तस्करी रुकने से वहां भी राहत की खबर मानी जा रही है।
Updated on:
16 Jul 2026 02:46 pm
Published on:
16 Jul 2026 02:46 pm
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