
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Photo- IANS)
JD Vance On US-Iran War: पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। इसी बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि मौजूदा संघर्ष का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए बातचीत जारी रखना जरूरी है।
पॉडकास्टर जो रोगन के शो 'द जो रोगन एक्सपीरियंस' को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वे उन लोगों से निराश हैं, जो ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद करने की वकालत करते हैं।
अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता का नेतृत्व कर रहे जेडी वेंस ने स्वीकार किया कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े विवादों के कारण बातचीत ठप पड़ गई है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता को 'समय की बर्बादी' बताते हुए उसके महत्व पर सवाल उठाए हैं। वहीं, दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, 'आप उन पर बम गिरा सकते हैं, उनका रडार नष्ट कर सकते हैं, उनके कुछ ड्रोन और मिसाइलें खत्म कर सकते हैं, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमला करना बहुत आसान है। इसलिए आपको बातचीत करने और समस्या का समाधान तलाशने के लिए तैयार रहना होगा।'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थानीय समयानुसार बुधवार को कहा कि उन्हें समय-सीमा तय करना पसंद नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरान पर हमले का आदेश देने से पहले कोई अल्टीमेटम दिया था, तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को ठीक से व्यवहार करना चाहिए। यह बयान पश्चिम एशिया में दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम के लिए हुए समझौता ज्ञापन के विफल होने के बाद दोबारा शुरू हुई सैन्य झड़पों के बीच आया है।
वहीं, ईरान की ओर से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने कहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच ईरान की फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने दी।
बघाई ने कहा कि फिलहाल ईरान का पूरा ध्यान अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ अपनी रक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान अब वॉशिंगटन के साथ क्षेत्र में संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से किए गए समझौता ज्ञापन को अपने ऊपर बाध्यकारी नहीं मानता।
Updated on:
16 Jul 2026 02:14 pm
Published on:
16 Jul 2026 01:55 pm
