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ईरान पर अमेरिकी हमले के बीच वाशिंगटन पहुंचे इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी, क्या बोले ट्रंप?

Al-Zaidi in Washington: इराकी प्रधानमंत्री ऐसे समय में वाशिंगटन पहुंचे हैं, जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष फिर से तेज हो गया है। पढ़ें पूरी खबर...
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भारत

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Pushpankar Piyush

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Updated: 16 Jul 2026, 1:10 PM IST

Iraqi Prime Minister Ali al-Zaidi, US President Donald Trump

इराकी प्रधामंत्री अली अल जैदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो-@WhiteHouse)

Iraqi Prime Minister Al-Zaidi: पिछले हफ्ते इराक के धार्मिक शहर नजफ में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का शव पहुंचा था। शवयात्रा में इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी खुद मौजूद रहे। इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद थे। अब इराकी प्रधानमंत्री अल जैदी वाशिंगटन पहुंचे हैं। यहां उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई। दोनों नेताओं की गर्मजोशी भरे मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

ओवल ऑफिस में जैदी की ट्रंप ने जमकर तारीफ की

इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका पहुंचे। इस दौरान ट्रंप ने ओवल ऑफिस में इराकी प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि हमारे पास एक शानदार चैंपियन है, एक नया चैंपियन, यह बहुत बड़ा फाइटर है। अमेरिका का जबरदस्त फैन है।

इतना ही नहीं, ट्रंप ने मुलाकात में अचानक लंच का इंतजाम भी करवा दिया और कहा कि हम दोनों के बीच गजब की केमिस्ट्री है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब ट्रंप कैमरों के सामने ईरान पर लगातार हमले जारी रखने और नौसैनिक नाकाबंदी की बात कर रहे थे, तब जैदी उनके बगल में शांति से बैठे रहे। एक अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि यह तस्वीर खुद बता रही थी कि जैदी ईरान की नाराजगी की परवाह किए बिना अमेरिका के साथ खड़े होने को कितने गंभीर हैं।

इराक फर्स्ट नीति अपना रहे अली अल जैदी

सद्दाम हुसैन के जाने के बाद से हर इराकी प्रधानमंत्री के सामने यही चुनौती रही है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच रिश्ते कैसे संभाले जाए। अब तेहरान और वाशिंगटन खुलकर जंग के मैदान में हैं तो अली अल जैदी के सामने यह चुनौती बड़ी बनकर उभरी है। एक सीनियर इराकी नेता ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में कहा कि भले ही सरकार आर्थिक हितों के चलते अमेरिका के करीब जा रही हो, इसका मतलब यह नहीं कि इराक ईरान के खिलाफ हो गया है।

क्या ईरान ने ज़ैदी पर अमेरिका न जाने का दबाव डाला था?

दो अमेरिकी अधिकारियों ने अमेरिकी मीडिया चैनल से बात करते हुए कहा कि को बताया कि ईरानी अधिकारियों ने जैदी और उनकी टीम से आग्रह किया था कि वे प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए वॉशिंगटन को न चुनें, लेकिन जैदी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने के लिए निर्णय ले चुके थे।

ट्रंप और शिया समूह की आम सहमित से पीएम बने जैदी

खास बात यह है कि अली अल जैदी शिया राजनीतिक समूहों और ट्रंप प्रशासन के समर्थन से आम सहमति से सत्ता में आए थे। अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस का मानना ​​था कि वे अपने प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी से अलग थे, क्योंकि वे तेहरान के समर्थन पर निर्भर नहीं थे।