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PoK आंदोलन कुचलने के लिए JAAC नेताओं की हत्या कर सकता है पाकिस्तान, खुफिया रिपोर्ट में बड़ी साजिश का खुलासा

JAAC protest in PoK: खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों को कुचलने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान JAAC नेतृत्व को पूरी तरह खत्म करने की साजिश रच रहा है।
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भारत

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Anand Shekhar

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अनुराग अनिमेष

Jul 15, 2026

POK Protest JAAC

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहवाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनिर (फ़ोटो- IANS)

PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे प्रदर्शनों के बीच खुफिया सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान का सुरक्षा तंत्र 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के शीर्ष नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि JAAC लगातार महंगाई, राजनीतिक भेदभाव, प्रशासनिक उपेक्षा और अल्पसंख्यकों के साथ कथित अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन चला रहा है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस आंदोलन को खत्म करने के पक्ष में हैं और सरकार पर दबाव डाल रहे हैं कि वह प्रदर्शनकारियों की मांगों को न माने। वहीं, JAAC नेतृत्व ने अपने समर्थकों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है, भले ही उनके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की आशंका हो।

'पाकिस्तानी सेना का धैर्य जवाब दे रहा'

एक इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान की सेना, खासकर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, आंदोलन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुनीर सरकार पर भी प्रदर्शनकारियों की मांगें न मानने का दबाव बना रहे हैं। इसी खुफिया इनपुट में यह भी आरोप लगाया गया है कि यदि आंदोलन नहीं थमा तो JAAC के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

JAAC ने कहा- नेता मारे जाएं तो भी आंदोलन जारी रहे

रिपोर्ट के अनुसार, JAAC नेतृत्व को संभावित खतरे की जानकारी है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि उसके नेता मारे भी जाएं तो आंदोलन नहीं रुकना चाहिए और इसे जनआंदोलन के रूप में जारी रखा जाए। JAAC का आरोप है कि पाकिस्तान का सुरक्षा एजेंसी लोगों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।

किन मुद्दों पर हो रहा है प्रदर्शन?

JAAC का आंदोलन बढ़ती महंगाई, राजनीतिक भेदभाव, अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार और प्रशासनिक उपेक्षा जैसे मुद्दों को लेकर चल रहा है। संगठन का कहना है कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां जनता की मांगों पर ध्यान देने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही हैं।

भारत ने भी उठाया है मुद्दा

भारत ने भी PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों की वैध शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस बल का अत्यधिक इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, भोजन और दवाइयों जैसी जरूरी आपूर्ति बाधित की गई, इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं और निहत्थे नागरिकों पर बल प्रयोग से लोगों की मौत हुई।