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Trump Iran Conflict: बिना प्लान ईरान युद्ध में कूदा अमेरिका, डेमोक्रेट्स ने ट्रंप की रणनीति पर उठाए सवाल

US Politics Iran Crisis: अमेरिका में ईरान को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य नीति पर विपक्ष ने संवैधानिक सवाल उठाते हुए कांग्रेस की भूमिका को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Jul 15, 2026

Donald Trump Iran War

Donald Trump Iran War: ईरान युद्ध पर ट्रंप घिरे, डेमोक्रेट्स बोले- कांग्रेस की मंजूरी के बिना नहीं बढ़ेगी लड़ाई (सोर्स:X@Al Jazeera/Chuck Schumer)

US Iran News: अमेरिका में ईरान को लेकर बढ़ते सैन्य तनाव ने अब सियासी मोर्चे पर भी बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति पर डेमोक्रेटिक पार्टी ने खुला मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रशासन बिना स्पष्ट योजना, बिना कांग्रेस की अनुमति और बिना किसी तय निकास रणनीति के देश को एक लंबे और महंगे संघर्ष की ओर धकेल रहा है। विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर फैसलों में संविधान के तहत कांग्रेस की भूमिका को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

सीनेट में डेमोक्रेट सांसदों ने साफ संकेत दिया है कि यदि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को और आगे बढ़ाने का फैसला करता है तो उससे जुड़े हर कदम पर जवाब मांगा जाएगा। उनका कहना है कि अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा, मिशन का उद्देश्य, इसकी अवधि और आर्थिक लागत जैसे सवालों का जवाब दिए बिना किसी भी सैन्य विस्तार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अमेरिकी सीनेट में रक्षा बजट बिल अटका

अमेरिका में 1.15 ट्रिलियन डॉलर के सालाना डिफेंस पॉलिसी बिल (National Defense Authorization Act - NDAA) को सीनेट में फिलहाल मंजूरी नहीं मिल सकी। डेमोक्रेट सांसदों ने इसका विरोध किया और कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पहले कांग्रेस से अनुमति नहीं ली।

सीनेट में डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने कहा कि ट्रंप ने बिना मंजूरी, बिना साफ योजना और बिना यह बताए कि युद्ध कैसे खत्म होगा, अमेरिका को इस संघर्ष में शामिल कर दिया। इसलिए उनकी पार्टी ने इस बिल का विरोध किया।

बता दें कि वोटिंग में बिल के पक्ष में 50 और विरोध में 46 वोट पड़े। लेकिन इसे आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 60 वोट जरूरी थे। इसी वजह से यह बिल फिलहाल पास नहीं हो सका।

डेमोक्रेट्स का कहना है कि इस समय इतना बड़ा रक्षा बजट मंजूर करना, ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने जैसा होगा। उनका यह भी आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार रक्षा खर्च बढ़ा रही है, जबकि आम लोगों से जुड़े कई सामाजिक कार्यक्रमों में कटौती की जा रही है।

वहीं रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून ने डेमोक्रेट्स की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वे देश की सुरक्षा से ज्यादा राजनीति कर रहे हैं। यह बिल सेना को मजबूत और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रखने के लिए जरूरी है।