16 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

US-Iran War: अमेरिका ने फिर शुरू की ईरान की नाकेबंदी, बंदरगाहों पर कड़ी निगरानी

US-Iran tension: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर शुरू की, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा, अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात।
2 min read
Google source verification
US Navy resumes naval blockade around Iranian ports.

अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो : ANI)

US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ऐलान किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में कॉमर्शियल जहाजों पर हमले के जवाब में ईरानी के बंदरगाहो की नाकेबंदी शुरू कर दी है। अमेरिका के इस कदम से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस संबंध में सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, 'अमेरिकी सेना ने आज भारतीय समयानुसार देर रात (पूर्वी अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे) ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी फिर से शुरू कर दी है। फिलहाल मध्य-पूर्व में अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं। अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क, घातक क्षमता से लैस और किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार है।'

ईरान की 130 मिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति फ्रीज

अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान के केंद्रीय बैंक से जुड़े कई डिजिटल वॉलेट्स पर प्रतिबंध लगाए हैं। इसकी वजह से 13 करोड़ डॉलर (130 मिलियन डॉलर) से अधिक की संपत्ति फ्रीज हो गई है। यह जानकारी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी।

उन्होंने कहा, 'अमेरिका ईरान की अवैध वित्तीय गतिविधियों को बाधित और कमजोर करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें डिजिटल संपत्तियों (क्रिप्टो एसेट्स) का दुरुपयोग भी शामिल है।

उन्होंने कहा, 'हम लगातार यह पता लगाते रहेंगे कि ईरान को अवैध तरीके से पैसा कहां से मिल रहा है। उन पैसों को जब्त करेंगे या उन तक उसकी पहुंच रोकेंगे, ताकि ईरानी सरकार अपनी गैरकानूनी कमाई का इस्तेमाल न कर सके।'

सितंबर के अंत तक इराक छोड़ देगी अमेरिकी सेनाएं

इसी बीच इराकी अधिकारियों ने बताया कि 2003 में सद्दाम हुसैन के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद से 23 वर्षों से इराक में मौजूद अमेरिकी सेना सितंबर के अंत तक देश छोड़ देगी।

वॉशिंगटन डीसी में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अब हमें नहीं लगता कि वहां सैन्य बल की जरूरत है।' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इराक के अमेरिकी तेल कंपनियों के साथ संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

दुभाषिए के माध्यम से इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने कहा, '30 सितंबर तक अमेरिकी सेनाएं इराक से बाहर होंगी। हालांकि अमेरिकी कंपनियां इराक के भीतर काम करती रहेंगी।'