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US Attack On Iran: ईरान पर अमेरिका का एक और हमला, 90 मिनट तक हॉर्मुज के पास चला ऑपरेशन

US Strikes Iran: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि 15 जुलाई को ईरान के ग्रेटर तुंब द्वीप पर तटीय रक्षा प्रणालियों और क्रूज़ मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाते हुए 90 मिनट तक सटीक हवाई हमले किए गए।
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भारत

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Anand Shekhar

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Mukul Kumar

Jul 15, 2026

US strikes on Iran

अमेरिका ने ईरान पर बरसाए बम (फ़ोटो- CETCOM)

US-Iran War: अमेरिका ने ईरान पर एक और अटैक कर दिया है। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 15 जुलाई को ईस्टर्न टाइम से सुबह 7:30 बजे (भारतीय समय के अनुसार शाम 5 बजे) ईरान के ग्रेटर टुनब द्वीप पर हवाई हमले किए गए।

करीब 90 मिनट चले इस ऑपरेशन में ईरान के तटीय डिफेंस सिस्टम और क्रूज मिसाइल स्टोरेज को निशाना बनाया गया। इससे ईरान की स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल शिपिंग पर हमला करने की क्षमता काफी हद तक कम हो गई है।

शाम 3:30 बजे से अटैक कर रहा अमेरिका

बता दें कि भारतीय समय के अनुसार, शाम 3:30 बजे से ही अमेरिका लगातार ईरान पर बमबारी कर रहा है। ताजा हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। हालांकि, इस बारे में ईरान की ओर से अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ग्रेटर टुनब द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम है। यह जगह हॉर्मुज की खाड़ी के पास है। अमेरिकी सेना ने साफ कहा कि इन हमलों से ईरान के क्रूज मिसाइल लॉन्च साइट्स और कोस्टल डिफेंस सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

जरूरत पड़ी तो और हमले करेंगे

पिछले कई हफ्तों से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा था। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर लगातार विवादों में रहा है।

अमेरिका का यह कदम उसी तनाव का नतीजा माना जा रहा है। CENTCOM ने बयान जारी कर कहा कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए और आगे भी जरूरत पड़ने पर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

ईरान भी जवाब देने की कर रहा तैयारी

अब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि ईरान अमेरिका को किस तरह से जवाब देता है।

इससे पहले, मिडिल ईस्ट में बने कई अमेरिकी बेसों को ईरान ने निशाना बनाया था, जिससे उसे काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। फिलहाल मध्य पूर्व में शांति कायम रखना हर किसी के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि, चीन और रूस जैसे देश ईरान के पक्ष में होकर लगातार अमेरिकी कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं।