Pakistan PTI Protest: पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई के लिए एक बड़ा आंदोलन चल रहा है, जिसमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के समर्थक इस्लामाबाद की ओर मार्च कर रहे हैं।
Pakistan PTI Protest: पाकिस्तान में पीटीआई समर्थकों का काफिला शक्ति प्रदर्शन के लिए लगातार इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। यह काफिला सोमवार सुबह गाजी बरोथा पुल को पार कर गया है और जगह-जगह पुलिस का पहरा है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। पाकिस्तान में इन दिनों बड़ा आंदोलन छिड़ा हुआ (PTI protest) है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ( Imran Khan news hindi ) की रिहाई की मांग के लिए पूरे देश से पीटीआई कार्यकर्ता इस्लामाबाद ( PTI Islamabad Protest) की ओर कूच कर रहे हैं, इस कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। जगह-जगह हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं। पीटीआई कार्यकर्ताओं की इस भीड़ का नेतृत्व खुद इमरान ख़ान की बेगम बुशरा बीबी ( Imran Khan wife Bushra Bibi ) कर रही हैं।
दरअसल इमरान ख़ान की पत्नी बुशरा बीबी (Bushra Bibi) और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर "करो या मरो" वाले विरोध प्रदर्शन के लिए इस्लामाबाद की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों के कारवां का नेतृत्व कर रहे हैं। एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें बुशरा बीबी सीएम गंडापुर के साथ कंटेनर पर खड़े होकर पीटीआई कार्यकर्ताओं में जोश भरती दिखाई दे रही हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता और कार्यकर्ता जेल में बंद इमरान ख़ान के आदेश के बाद रविवार से मौजूदा सरकार के खिलाफ "करो या मरो" विरोध प्रदर्शन करने के लिए इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं।
शहबाज सरकार विरोध से निपटने के लिए देश के प्रमुख शहरों में इंटरनेट बंद करने समेत सख्त सुरक्षा कदम उठा रही हैं।
पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में दो महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है व रेंजर्स और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (एफसी) यूनिट्स के साथ 8,000 अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों को इस्लामाबाद में तैनात किया है।
इस्लामाबाद प्रशासन के अलावा, पंजाब सरकार ने भी 23 नवंबर से 25 नवंबर तक 3 दिनों के लिए पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू की है । वहीं 10,700 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। उल्लेखनीय है कि अप्रेल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान को प्रधान मंत्री पद से हटाने के बाद से पीटीआई कार्यकर्ताओं ने कई बार विरोध प्रदर्शन किए हैं।
मौके के हालात ये हैं कि पीटीआई समर्थकों का काफिला शक्ति प्रदर्शन के लिए लगातार इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। ये काफिला सोमवार तड़के गाजी बरोथा पुल को पार कर गया है। जगह-जगह पुलिस का पहरा है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। लाहौर प्रशासन ने तड़के महानगर के कई हिस्सों में यातायात आंशिक रूप से बहाल कर दिया है। दाता दरबार, आजादी चौक, शाहदरा और शहर के अन्य इलाकों में यातायात आंशिक रूप से बहाल किया गया है।
पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने रविवार को ‘इस्लामाबाद की सुरक्षा' का संकल्प लिया, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के हजारों समर्थक भारी सुरक्षा बलों की तैनाती और मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर रोक के बीच विरोध प्रदर्शन करने के लिए संघीय राजधानी के लिए कूच कर रहे हैं।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने 13 नवंबर को, 24 नवंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के लिए ‘‘अंतिम आह्वान'' किया था। उन्होंने जनादेश की चोरी, लोगों की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी और 26वें संशोधन के पारित होने की निंदा की और कहा कि इसने ‘‘तानाशाही शासन'' को मजबूत किया है। इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने जनता से ‘‘गुलामी की बेड़ियां तोड़ने'' के लिए मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है।
इस केस में गृह मंत्री खुद दौरे के लिए डी-चौक पहुंचे, जहां पर इमरान की पार्टी प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। डी-चौक कई अहम सरकारी इमारतों के बीच मौजूद है, जिनमें राष्ट्रपति आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय, संसद और उच्चतम न्यायालय भी है। यहां इलाके की निगरानी के लिए पुलिस और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी के साथ रेंजर्स को तैनात किया गया है।
नकवी ने मीडिया से कहा कि सरकार को सख्त सुरक्षा उपाय करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा, "एक विकल्प यह है कि हम उन्हें आने दें और इस्लामाबाद को पंगु बना दें। दूसरा विकल्प इस्लामाबाद की सुरक्षा करना है।" गृहमंत्री ने कहा कि डी-चौक की ओर मार्च करने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा। नाकेबंदी ‘‘पिछली बार जितने बुरे नहीं थे'' और सरकार असुविधा से जूझ रहे लोगों को यथासंभव राहत देने की कोशिश कर रही है।
ये भी पढ़ें: इस देश में मिला 4000 साल पुराना अनूठा गढ़वाली शहर