India-Canada Conflict: भारत (India) और कनाडा (Canada) के बीच चल रहे विवाद पर हाल ही में पेंटागन के एक पूर्व ऑफिसर ने बड़ा बयान दिया है। क्या कहा पेंटागन के पूर्व ऑफिसर ने? आइए जानते हैं।
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए कनाडा (Canada) भारत (India) को ज़िम्मेदार ठहरा चुका है, जिसे भारत बेबुनियाद और बेतुका बता चुका है। इससे दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ गया है। इस मामले में कनाडा के भारतीय डिप्लोमैट को बर्खास्त करने के बाद भारत ने भी सख्ती दिखाते हुए कनाडा के डिप्लोमैट ओलिवियर सिल्वेस्टेर को बर्खास्त करते हुए देश छोड़ने के लिए कह दिया है। इतना ही नहीं, भारत ने कनाडा के लिए वीज़ा सर्विस को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। साथ ही अपने देशवासियों को भी कनाडा न जाने की सलाह दी है। भारत से विवाद के चलते कई भारतीय बिज़नेस कंपनियों ने भी कनाडा से हाथ खींचना शुरू कर दिया है। दूसरे देशों से भी कनाडा को साथ नहीं मिल रहा। इन सबसे कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) के भी सुर बदल गए हैं और उन्होंने दोनों देशों के साथ काम करने की बात कही है। हाल ही इस पूरे मामले में पेंटागन (Pentagon) के एक पूर्व ऑफिसर ने बड़ा बयान दिया है।
भारत पर आरोप लगाकर जस्टिन ट्रूडो ने की बड़ी गलती
अमेरिका (United States Of America) की डिफेंस डिपार्टमेंट एजेंसी पेंटागन के पूर्व ऑफिसर माइकल रूबिन ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है। रुबिन ने कहा, "कनाडाई पीएम ट्रूडो ने निज्जर हत्या मामले में आरोप लगाकर बड़ी गलती कर दी है। ट्रूडो के पास इस मामले में भारत के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं और भारत के खिलाफ इस आरोप को ट्रूडो साबित नहीं कर पाएंगे। ट्रूडो ने कुछ समय के राजनीतिक फायदे के लिए लंबे समय तक काम आने वाले दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत से संबंधों को खराब कर लिया है। ट्रूडोको यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार एक आतंकवादी को शरण क्यों दे रही थी।"
भारत को चुनेगा अमेरिका
रूबिन ने आगे कहा, "अगर अमेरिका को भारत या कनाडा में से किसी एक को चुनना हो, तो अमेरिका निश्चित रूप से भारत को चुनेगा। दोनों देशों के बीच के संबंध काफी अहम हैं और पिछले कुछ साल में इनमें मज़बूती देखने को मिली है।"
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