Iran-US Israel War: ईरान ने अमेरिका-इज़रायल के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी फाइटर जेट्स मार गिराने के दावे किए हैं। अब ईरान के दावों पर अमेरिकी सेना का जवाब आ गया है।
ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) का आज 25वां दिन है। युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट (Middle East) में तबाही मच चुकी है और दुनियाभर में तेल-गैस का संकट पैदा हो गया है। इस युद्ध की वजह से ईरान में जान-माल का सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है, लेकिन ईरान भी साफ कर चुका है कि वो झुकेगा नहीं। ईरान लगातार इज़रायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकाने ही नहीं, अमेरिकी दूतावास और तेल-गैस रिफाइनरी भी ईरान के निशाने पर हैं। ईरान ने अमेरिका के फाइटर जेट्स मार गिराने के दावे भी किए हैं। सोमवार को भी ईरान ने दावा किया था कि उनकी सेना ने कुवैत (Kuwait) में अमेरिकी फाइटर जेट F-15 को मार गिराया था। अब इस मामले पर अमेरिकी सेना का जवाब आ गया है।
अमेरिकी सेना की सेन्ट्रल कमांड CENTCOM ने ईरान द्वारा अमेरिकी फाइटर जेट F-15 को मार गिराने के दावे को गलत बताया है और कहा है कि यह सिर्फ अफवाह है, इसमें बिल्कुल भी सच नहीं है। CENTCOM की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि ईरानी शासन द्वारा दुष्प्रचार का अभियान ज़ोरों पर है। ईरान द्वारा अमेरिकी विमानों को गिराए जाने के झूठ को फर्जी या भ्रामक तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए कई बार अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर फैलाया गया है। CENTCOM ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को नहीं गिराया गया है।
ईरान अपने दावों पर अडिग है कि उनकी सेना ने अमेरिकी फाइटर जेट्स को मार गिराया है। अमेरिका ने सिर्फ KC-135 रिफ्यूलिंग प्लेन के मार गिराए जाने की ही पुष्टि की है। हालांकि अमेरिका की तरफ से इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है कि ईरान ने उनके फाइटर जेट्स को नहीं मार गिराया है। इसके अलावा ईरान ने अमेरिका के 10 से ज़्यादा कॉम्बैट ड्रोन्स भी मार गिराए हैं। युद्ध में हर दिन अमेरिका को बिलियन डॉलर्स का खर्चा हो रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ता जा रहा है।