Strait of Hormuz Conflict: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। ईरान को समर्थन देने के लिए चीन आगे आया है।
अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) में वार्ता का पहला दौर विफल रहने के बाद तनाव बढ़ गया है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नज़र होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर है। ट्रंप ने अपनी नेवी को होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक करने का आदेश देते हुए आज, 13 अप्रैल को ईस्टर्न समय के अनुसार सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार शाम करीब 7:30 बजे) से यह काम शुरू करने के लिए कहा है। ट्रंप के इस कदम के बाद ईरान ने भी धमकी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट में अगर इस तरह का कुछ भी काम किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अब इस विवाद में नया मोड़ आ गया है। ईरान के समर्थन में चीन (China) आगे आया है।
चीन की नेवी के एडमिरल डोंग जुन (Dong Jun) ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की ट्रंप की धमकी के बाद बयान देते हुए कहा, "हम विश्व में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मिडिल ईस्ट की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हमारे जहाज होर्मुज स्ट्रेट से लगातार आ-जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम उनका सम्मान करेंगे और अपेक्षा करते हैं कि अन्य देश हमारे मामलों में हस्तक्षेप न करें। ईरान होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करता है और यह हमारे लिए खुला है।"
वार्ता विफल होने के बावजूद अभी भी सीज़फायर जारी है। इसी बीच खबर आई है कि चीन की तरफ से ईरान को नया एयर डिफेंस सिस्टम और हथियारों की खेंप मुहैया कराई जा रही है। अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है कि यह दावा सच साबित होने पर चीन को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने चीन पर 50% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की भी चेतावनी दी है।