
चीन (China) और ताइवान (Taiwan) दो ऐसे देश हैं जिनके बीच लंबे समय से विवाद रहा है। चीन और ताइवान के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव और भी बढ़ा है। ताइवान को अमरीका (United States Of America) का समर्थन मिलने से भी चीन की नाराज़गी बढ़ी है। हाल ही में चीन ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे दोनों देशों के बीच निश्चित रूप से तनाव बढ़ेगा। पर चीन के हाल ही में उठाए कदम से ताइवान की टेंशन बढ़ना भी तय है।
चीन के किस फैसले से बढ़ेगी ताइवान की टेंशन?
ताइवान के रक्षा मंतालय ने हाल ही में जानकारी दी है कि चीन ने बड़ी संख्या में ताइवान के पास वॉरशिप्स और फाइटर जेट्स तैनात करने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस समय ताइवान की बॉर्डर के पास 73 फाइटर जेट्स तैनात किए गए हैं। इतना ही नहीं, ताइवान के पास पानी में 16 वॉरशिप्स भी तैनात कर दिए गए हैं।
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घेराबंदी और युद्ध का खतरा बढ़ा
चीन के इस कदम से उसके ताइवान की घेराबंदी और उसके बाद युद्ध के छिड़ने का खतरा बढ़ गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि चीन भी ताइवान के खिलाफ एक्शन ले सकता है। हालांकि ऐसा अब तक हुआ नहीं। पर चीन ने समय-समय पर ताइवान के खिलाफ संभावित युद्ध के लिए अपना शक्ति प्रदर्शन करने का मौका भी नहीं छोड़ा।
क्या है दोनों देशों के बीच तनाव की वजह?
दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच तनाव की यही वजह है।
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