China Gets Angry Over Indian Supreme Court Verdict On Article 370: अनुच्छेद 370 पर भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सिर्फ पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन ही नहीं, बल्कि चीन भी बौखलाया हुआ है।
अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 को अस्थायी प्रावधान करार देते हुए केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था। केंद्र सरकार के इस फैसले से जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भी जहाँ भारत का कानून लागू होने लगा, वहीं लद्दाख (Ladakh) में भी ऐसा ही हुआ। भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पाकिस्तान (Pakistan) और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) तो नाराज़ हुए ही, चीन (China) भी इससे बौखला गया।
लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले को बताया गैर-कानूनी
अनुच्छेद 370 के हटने के बाद लद्दाख भारत देश के केंद्र शासित प्रदेश में आ गया था। ऐसे में अब भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से चीन भी बौखलाया हुआ है और चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले को गैर-कानूनी बताया है।
लद्दाख पर चीन ने फिर जताया अधिकार
निंग ने यह भी कहा कि भारत के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कुछ नहीं बदलेगा। निंग ने कहा, "चीन ने कभी भी भारत की तरफ से घोषित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को मान्यता नहीं दी और यह भारत की तरफ से एकतरफा और गैर-कानूनी फैसला है।" साथ ही निंग ने यह भी कहा कि लद्दाख पर चीन का अधिकार है और भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह नहीं बदलेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन अक्सर ही लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के कुछ हिस्से पर, जो अभिन्न रूप से भारत के हिस्से हैं, पर अपना अधिकार जताता है।
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