विदेश

अब चीन की रक्षा करेगा दुनिया का सबसे ताकतवर और हाईटेक सैटेलाइट, जानिए कैसे नाकाम होंगे दुश्मनों के नापाक मंसूबे

राडार प्रणाली से लैस यह उपग्रह एक मीटर के रेजोल्यूशन के साथ अंतरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीरें ले सकता है। इसकी खासियत यह है कि यह किसी भी मौसम में काम कर सकता है।

less than 1 minute read
Aug 11, 2016

चीन ने दक्षिण चीन सागर में विवादित द्वीपों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच कहा है कि उसने अपने समुद्री हितों की रक्षा के लिए नए उपग्रह का प्रक्षेपण किया है। चीन ने बुधवार को 'गाओफेन 3' उपग्रह का प्रक्षेपण किया था। राडार प्रणाली से लैस यह उपग्रह एक मीटर के रेजोल्यूशन के साथ अंतरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीरें ले सकता है। इसकी खासियत यह है कि यह किसी भी मौसम में काम कर सकता है।

इस परियोजना के प्रमुख शू फुक्शियांग ने चीन के सरकारी समाचार पत्र चाइना डेली को बताया कि यह उपग्रह समुद्री वातावरण, द्वीपों, जहाजों और तेल संपदा की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गाओफेन 2 जैसा उपग्रह देश के समुद्री अधिकारों और हितों की रक्षा करने में काफी फायदेमंद साबित होगा। पिछले माह हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे के खिलाफ फैसला सुनाया था लेकिन चीन ने इसे मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद इस क्षेत्र में तनाव बढऩे की आशंका बढ़ गई है।

चीन दक्षिण चीन सागर के विवादित स्प्रैटली द्वीप पर अपना दावा जताता है जबकि वियतनाम, ताइवान, फिलीपींस, मलेशिया और ब्रूनेई भी इस पर अपना दावा जताते है। दक्षिण चीन सागर के जरिए प्रत्येक वर्ष पांच ट्रिलियन डॉलर का व्यापार होता है।

Published on:
11 Aug 2016 09:31 am
Also Read
View All