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ताइवान में चीन का ‘खतरनाक’ खेल, 20 साल तक कोई नहीं पकड़ पाया, पढ़ें पूरा मामला

China Spy Network: सन शियान, चीन का एक राजनीतिक कार्यकर्ता है, जो शंघाई की चाइनीज कुओमिंतांग रिवोल्यूशनरी कमेटी से जुड़ा है। वह वैध दस्तावेजों के साथ ताइवान जाता था, वहां चीन से आए विवाहित लोगों से मिलता और बीजिंग के 'एक देश, दो व्यवस्था' फॉर्मूले को प्रचारित करता था।
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Apr 03, 2026
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फोटो- AI)

(China covert operation Taiwan) 20 साल तक एक शख्स ताइवान आता रहा, घूमता रहा, लोगों से मिलता रहा और चीन का संदेश फैलाता रहा। लेकिन उसको लेकर किसी को शक नहीं हुआ। यह कोई जासूसी फिल्म की कहानी नहीं है, बल्कि ताइवान में हकीकत में ऐसा हो रहा था।

अब जब मामला अदालत तक पहुंचा है तो ताइवान के जानकार कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक केस नहीं है, यह एक बड़े और सोचे-समझे खेल की एक झलक है।

क्या है पूरा मामला?

सन शियान चीन का एक राजनीतिक शख्स है जो शंघाई में चाइनीज कुओमिंतांग की रिवोल्यूशनरी कमेटी से जुड़ा है। वह ताइवान में बिल्कुल सही कागज-पत्रों के साथ आता था, दिखावे के लिए एक वजह बताता था और फिर पूरे ताइवान में घूमता था।

वहां वह उन लोगों से मिलता था जो चीन से ताइवान में शादी करके आए हैं। इन मुलाकातों में वह बीजिंग का 'एक देश दो व्यवस्था' वाला फॉर्मूला समझाता था। यही वो फॉर्मूला है जिसके तहत चीन चाहता है कि ताइवान उसका हिस्सा बन जाए।

महिला ने बनाया रास्ता, अब उस पर मुकदमा

इस पूरे मामले में एक अहम नाम है शू चुनयिंग का। वह चीन में पैदा हुई और शादी के बाद ताइवान में रहने लगी। वह ताइवान न्यू इमिग्रेंट डेवलपमेंट एसोसिएशन की अध्यक्ष है।

आरोप है कि शू ने ही सन शियान की इन बार-बार की यात्राओं को आसान बनाया और चुनावों में दखल देने की कोशिशों में मदद की। ताइवान के एंटी-इनफिल्ट्रेशन कानून के तहत उन पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

चीन का नया तरीका, जासूस नहीं भेजता अब सीधे

तुंगहाई यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ हुंग पु-चाओ कहते हैं कि चीन ने अपना तरीका बदल लिया है। अब वह कोई नया जासूसी नेटवर्क नहीं बनाता।

बजाय इसके वह उन रास्तों का इस्तेमाल करता है जो पहले से खुले हैं, जैसे कारोबारी रिश्ते, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शादी के जरिए आए लोगों के समुदाय।

यह तरीका इसलिए खतरनाक है क्योंकि सब कुछ कानूनी दिखता है। कोई नियम नहीं तोड़ा जाता, कम से कम कागज पर तो नहीं। इसलिए पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता है।

ताइवान की व्यवस्था में कहां है कमजोरी?

  • हुंग ने साफ बताया कि ताइवान की सीमा पर जांच काफी सख्त है। लेकिन जैसे ही कोई अंदर आ जाता है, उसकी निगरानी बहुत कमजोर हो जाती है।
  • सन शियान इसी कमजोरी का फायदा उठाता रहा। वह सही वजह बताकर आता था और फिर अपनी असली गतिविधियां करता था।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि ताइवान को अब यह देखना होगा कि जो लोग एक काम के लिए आए हैं वो वही कर रहे हैं या कुछ और।
Updated on:
03 Apr 2026 05:30 pm
Published on:
03 Apr 2026 05:30 pm